कानपुर-औद्योगिक नगरी बनी असलाह तस्करो का गढ़ - तहकीकात न्यूज़

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Sunday, 14 October 2018

कानपुर-औद्योगिक नगरी बनी असलाह तस्करो का गढ़




ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता 
 
कभी औद्योगिक नगरी के रूप में पहचाना जाने वाला कानपुर महानगर अब असलहा तस्करों का गढ बनता जा रहा है। पुलिस ने बेकनगंज इलाके से असलहा फैक्ट्री संचालित करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से पुलिस ने डेढ दर्जन बने असलहे और तमाम अधबने असलहों सहित असलहे बनाने का सामान बरामद किया है। आपको बता दें कि दो महीने मे पुलिस ने तीसरी बार अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड किया है।

हमीरपुर बुंदेलखंड से संचालित की जा रही अवैध असलहों की फैक्ट्री से कई जनपदों में धड़ाधड़ असलहों की बड़ी मात्रा में सप्लाई की जा रही थी जिसकी सूचना पर स्वाट टीम ने इस रैकेट का भंडाफोड़ कर बड़ी कामयाबी हासिल की है साथ ही बड़ी मात्रा में अवैध रूप से बनाये जा रहे असलहे और उनके उपकरण समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।



अवैध असलहों की सप्लाई का कारोबार कई जनपदों में धड़ल्ले से सप्लाई किया जा रहा था और इन असलहों को बुन्देलखण्ड में बनाया जा रहा था इस रैकेट का पिछले कई दिनों हमीरपुर में अवैध असलहों की फैक्ट्री का गोरखधंधा चल रहा था यह लोग बड़ी मात्रा में कई जनपदों में असलहों की सप्लाई खुद बाइक से करते थे और लोगो को मुंहमांगे दामो पर असलहों को बेंच देते थे असलहे बुंदेलखंड में बनाए जाते थे जहां से यह कानपुर समेत कई जनपदों में इनकी सप्लाई की जाती थी। मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग बाइक से  हमीरपुर से असलहे और असलहा बनाने के उपकरण लेकर कानपुर बेचने के लिए आ रहे है साथ ही इनकी योजना थी कि इस काले कारोबार को कानपुर में भी खोला जाए जिसको लेकर इन्होंने तैयारियां भी कर रखी थी। जिसकी जानकारी स्वाट टीम को हो गयी जहां सख्ती से एसएचओ बेकनगंज समेत स्वाट टीम ने रिजवी रोड पर घेराबंदी कर बाइक सवार तीन लोगों को दबोच लिया जिनके पास से भारी मात्रा में असलहे व असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए गए है



 जिसमें 3 गन 12 बोर कट्टे, 2 गन 315 बोर, 12 तमंचे 315 बोर, 2 अर्ध निर्मित तमंचा 315 बोर, 1 नाल और उपकरण शामिल है। पकड़े गए तीनो आरोपी पप्पू प्रजापति निवासी हमीरपुर, देव नन्दन दुबे निवासी हमीरपुर और करतार सिंह निवासी हमीरपुर है। पकड़ा गया पप्पू जिसका आपराधिक इतिहास भी है वह इस धंधे में कई वर्षों से लिप्त है और जेल भी जा चुका है वही पुछताछ में जानकारी मिली कि यह अवैध कार्य पप्पू के घर पर और देवनन्दन के ट्यूबबेल पर किया जाता है। यह लोग कई जनपदों में इन अवैध असलहों की मू मांगे दामो पर सप्लाई करते थे जिसमें कट्टे पर 6 से 7 हज़ार और बड़े असलहे पर 15 से 20 हज़ार रुपये मिल जाते थे। इनके गिरोह में काफी लोगों की संख्या है जिसके लिए लगातार इनसे पूछताछ की जा रही है।

एसएसपी अनन्तदेव तिवारी ने बताया कि यह बड़ा रैकेट था जिसका स्वाट टीम ने पर्दाफाश किया था बुंदेलखंड में यह असलहों को बनाकर इन्हें कई जनपदों में सप्लाई किया जाता था। फिलहाल इन तीनो पर मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेज दिया गया है और लगातार इनसे गहराई से पूछताछ की जा रही है


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