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आज का Tahkikat

Friday, 16 November 2018

कानपुर - डीआरडीओ द्वारा निर्माण किये गए आधुनिक उपकरण मेक इन इंडिया में लगाएंगे चार चांद

ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता

कानपुर मेक इन इंडिया के तहत डिफेंस कॉरिडोर परियोजना को आगे बढ़ाने का उद्देश्य लेकर शहर में सीएसए ग्राउंड में यूपी डिफेंस एक्सपो-2018 का आगाज़ सीएसए ग्राउंड में हो गया रक्षा और प्रतिरक्षा उत्पाद के द्वारा बनाये गए उत्पाद स्टालों पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। हर तरफ दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले आधुनिक उपकरणों से सजे स्टाल थे। हालांकि अभी इनका प्रयोग ज्यादातर ट्रायल पर ही किया जा रहा है लेकिन आने वाले समय मे यह देश की सुरक्षा में अहम भूमिका यह आधुनिक उपकरण निभाएंगे।

 
2 मिनट तक फायर से लड़ाई कर किसी की भी जान बचा सकते है इस सूट से

स्टाल पर मौजूद प्रवीण राजपूत ने बताया कि फायर प्रोक्सिमिटी सूट जब आग 1150 डिग्री सेल्सियस पर लगी होगी तो आप बगैर सूट पहनकर उसके पास नही जा सकते यदि फायर फाइटर यह सूट पहनते है फायर से 18 इंच की दूरी तक जाकर फायर फाइटिंग की जा सकती है और वह वहाँ 2 मिनट तक फायर से लड़ाई कर किसी की भी जान बचा सकता है कही भी आग लगी हो तो उसे रोका जा सकता है।
 
 
 
 
वहीं इसी सूट की तरह ग्लास फेब्रिक का यह बना सूट जिसका वजन 10 किलो है यह सूट भारी भी है यह हाई परफॉर्मेंस फाइबर के बने होते है हाई टेम्परेचर पर भी काम करता है । अल्युमिनाइज़ सूट्स को जब आग लगती है उसके बाद पहनकर उससे फाइट करता है जिसमें समय बर्बाद होता है लेकिन इन सूइट्स को पहनकर फायर मेंन तुरंत रेडी होकर एक्सन ले सकता है।

ऊंची इमारतों में आग लगने पर बिना किसी ट्रेनिंग के बचाई जा सकेगी जान

 
ऊंची इमारतें 18 से 19 माले की बिल्डिंग उसमें यदि आग लग जाती है जिसमें लोग फंसे रह जाते है नतीजा न जाने कितनी जनहानि हो जाती है लेकिन अब ऊंची इमारतों में लगी आग पर भी अपना बचाव इस उपकरण के माध्यम से कर सकते हैं ऐसी स्थिति में लोग इस इमरजेंसी एस्केप सूट को बिल्डिंग के साथ हैंग कर दिया जाए तो लोग इसमें जम्प कर बगैर ट्रेनिंग लिए हुए बिना इंजरी के अपनी जान बचा कर नीचे आ सकते हैं। यह 5 टन का लोड ले सकता है यह रेस्क्यू आप्रेशन के लिए प्रयोग किया जाएगा।

आर्मर फाइटिंग पर होगा प्रयोग

डीआरडीओ के द्वारा बनाया हुआ यह उपकरण ऑटोमेटिक फायर डिटेक्सन सप्रेशन सिस्टम के बारे में स्टाल में मौजूद हेमन्त शुक्ला ने बताया कि इसकी खास बात यह है कि यह फायर को थ्रू कम्पार्टमेन्ट में जहाँ पर ह्यूमन रिसोर्सेज होते है जैसे सैनिक ,गनर ,कमांडर्स वहाँ पर यह फायर को 20 मिली सेकंड में डिटेक्ट करेगा 150 मिली सेकंड में बुझा देगा इसका कार्य इंजन कम्पार्टमेंट में डिटेक्टर्स को फायर वायर लगाते है जो डिटेक्ट करके एक सिग्नल देगा और बज़र बजेगा एक नेलान गेस जिससे आग बुझ जाती है यह यूनिक सिस्टम है इसको सर्विसेज पर हम यूज़ कर सकते हैं और आर्मर फाइटिंग में भी ये डिजाइन डीआरडीओ का है।

पानी की बर्बादी को रोके इस उपकरण से

डॉक्टर सुरेश ने बताया कि डीआरडीओ ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे आप 90 प्रतिशत पानी बचा सकते है ज्यादा पानी हाथ धोने 8 से 10 लीटर पानी वेस्ट होकर निकल जाता है जिससे काफी पानी बर्बाद होता है ऐसे में वाटर मिस्ट अरियेटर फार वाटर कन्सर्वेशन
तकनीक के उपयोग से पानी की बर्बादी से बचा जा सकता है टैप के जरिये। यह हर घर मे लग जाये तो पानी की कमी को पूरा कर सकते है।
 
 
एसपीजी कर रहा है इसका प्रयोग

स्टाल पर मौजूद राजेश ने बताया कि यह उपकरण वीआईपी सिक्युरिटी के लिये प्रयोग किया जाता है यह साइबर ऑप्टिक्स को डिटेक्ट और लोकेट करने का काम करेगा वीआईपी सिक्युरिटी में दे रखा है ट्रायल बेसिस पर एसपीजी ने इसे ले रखा है बार्डर पर यूज़ इसका ज्यादा होगा। यह उपकरण सेंसर होते है डे नाइट काम करेगा और रिसोर्स होता है और इसके उपयोग से दुश्मनों को न्यूट्रिलाइज़ कर देगा जो भी स्निपर्स होंगे। डिमांड बहुत है इसकी पॉजिटिव परिणाम आ रहे है।

पीएमओ में किया जा रहा इस उपकरण का प्रयोग

देवेंद्र शर्मा ने बताया कि यह प्रीम्पटर किसी भी फार्म में एक्सप्लोसिव डिटेक्टर है 8 सेकंड के अंदर लेज़र आन करते ही यह बता देगा कि यह कौन सा विस्फोट है यह बता देगा इसके 120 पीस बन रहे अभी पीएमओ में इसका यूज़ किया जा रहा है। इसकी डिटेक्सन रेंज 30 सेंटीमीटर साथ ही 50 तरह के एक्सप्लोसिव डिटेक्टर मटेरियल्स लेज़र सिस्टम है अलार्म इंडिकेशन इस उपकरण का प्रयोग जैसे एयरपोर्ट्स और क्रिटिकल्स एस्टेवलिशमेंट है वहाँ इसका प्रयोग ज्यादा होगा यूपी असेम्बली में एक कोई मटेरियल बनाया गया टेस्ट करने के लिए और कन्फर्म करने के लिए इसे हमारे पास भेजा गया कन्फर्म किया तो यह एक्सप्लोसिव नही है।

प्रदर्शनी देखने आई खुशी ने बताया कि यहां आर्मी के लिए जिन चीज़ों का प्रयोग होता है इस प्रदर्शनी में डिफेंसेज के बारे में पता चला इन सभी चीज़ों को देखकर काफी प्रेरणा मिलती है यह पहली बार देखा है बहुत अच्छा लग रहा है हमारे देश के जवान ऐसे ही देश का नाम रोशन करें।

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