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Thursday, 13 December 2018

गोरखपुर में शिक्षकों ने भरा हुंकार , मांगे नहीं मानी गई तो 20 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन धरना



ब्यूरो गोरखपुर -कृपा शंकर चौधरी

गोरखपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ गोरखपुर के तत्वावधान में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जिले भर के शिक्षकों द्वारा 11 सुत्रीय मांग को लेकर धरना दिया गया और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। धरने में शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भक्तराज राम त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक देश के भविष्यों के साथ साथ  सरकार की भी भविष्य निर्धारण करना जानता है ।
 
पूर्वनिर्धारित धरना के तहत आज गोरखपुर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर उतर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ गोरखपुर के तत्वावधान में पूरे जिले के शिक्षकों की उपस्थिति रही और अलग-अलग ब्लाकों के पदाधिकारियों द्वारा सरकार के शिक्षकों के प्रति शोषण के रवैए को बताया गया। कोषाध्यक्ष सुधांशु मोहन सिंह ने बताया कि इस 11 सुत्रीय मांग पत्र के द्वारा सरकार को अवगत कराया गया है कि शिक्षक सरकार के द्वारा थोपे गए कुछ नये नियमों से असहज महसूस कर रहे हैं और इसमें बदलाव की जरूरत है और इसके अलावा प्रधानाध्यापक के पद एवं शक्ति के साथ खिलवाड़ करना उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली के विपरित है।
 
सुधांशु मोहन सिंह ने बताया कि शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण एवं स्थानान्तरण सेवावधि भी नीतिगत नहीं है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। इसके अलावा नवनियुक्त शिक्षकों के सत्यापन के नाम पर रोका गया वेतन शपथ पत्र लेकर निर्गत किया जाए और बेसिक शिक्षकों की माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन पदोन्नति प्रकरण पर प्रभावी पैरवी कर शीघ्र निस्तारण कराया जाएं। सरकार द्वारा स्वेटर के लिए दिया जाने वाला धन कम रहने एवं खेल कूद के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास धन न होने से स्कूलों में परेशानी हो रही है।
 
जिलाध्यक्ष भक्तराज राम त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षकों की हितों के लिए सदैव तत्पर रहता है और किसी के भी द्वारा शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह 11 सुत्रीय मांग सरकार को सौंपी गई है यदि 20 दिसम्बर तक मांगें पूरी नहीं होती है तो उसके बाद संघ द्वारा समस्याओं के निराकरण न होने तक अनिश्चितकालीन धरना पर बैठने पर मजबूर होगा। सरकार को चेताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों से बैर करके कोई सरकार नहीं चली है जिसका इतिहास गवाह है क्योंकि शिक्षक केवल भारत के भविष्यों का ही दिशा निर्देशन नहीं करता बल्कि सरकार के भविष्य को भी बना बिगाड़ सकता है।

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