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Wednesday, 19 December 2018

क्‍या दिल्‍ली में AAP-कांग्रेस में होगा गठबंधन ?, पूर्व CM ने कही ये बात

वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर दिल्ली में लोकसभा सीटों के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चा लंबे समय से है, लेकिन पिछले कुछ दिन से राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। AAP-कांग्रेस के बड़े नेता अब तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए थे, लेकिन बुधवार को दिल्ली की पूर्व मुुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अहम बयान देकर गठबंधन को लेकर नई हवा दे दी है।




बुधवार को AAP-कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत में शीला दीक्षित ने कहा हाई कमान जो भी फैसला लेगा, वह हमें स्वीकार होगा।' पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि AAP-कांग्रेस के बीच गठबंधन सिर्फ कयास भर नहीं है, बल्कि दोनों पार्टियों में कहीं न कहीं इसको लेकर खिचड़ी पक रही है। अब शीला के बयान से भी यह पुष्ट हो रहा है। 


आम आदमी पार्टी दिल्ली की सात सीटों में पांच के संभावित उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर चुकी है. ये पांच सीटें: उत्तर-पूर्व दिल्ली, पूर्व दिल्ली, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, दक्षिण दिल्ली. इसमें दिलीप पांडेय उत्तर-पूर्व दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली से राघव चड्ढा, पंकज गुप्ता चांदनी चौक से, पूर्वी दिल्ली से आतिशी, उत्तर पश्चिम गुग्गन सिंह रंगा के नाम फाइनल कर चुकी है. अभी तक नई दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली सीट को छोड़कर पांच सीटों के लिए पार्टी संयोजक के रूप में संभावित उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है. 

 
नई दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली की सीट पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने अपने आंतरिक सर्वे में पाया है कि अगर साझा उम्मीदवार नहीं उतारा गया तो इन दो सीटों पर उसकी जीत संभव नहीं है. ऐसा ही कुछ अंदेशा आम आदमी पार्टी को भी हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन इस गठबंधन में सबसे बड़ी बाधा हैं. माकन किसी भी सूरत में आम आदमी पार्टी से गठबंधन नहीं चाहते लेकिन हाईकमान उन्हें मनाने में लगा हुआ है. देखना होगा कि वह इसमें कितना सफल हो पाती है.

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