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Saturday, 15 December 2018

कानपुर- गंगा की स्वच्छता के लिए की गई ग्रीन कुम्भ अवधारणा की प्रस्तुति

ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता 
 
मां गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के प्रति छात्र छत्राओ को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को आयोजित रिवर कांफ्रेंस के माध्यम से ग्रीन कुम्भ की अवधारणा की प्रस्तुति की गई।

 
 
 
 
गंगा की स्वच्छता को लेकर ग्लोबल ग्रीन्स कर रही जागरूक

डीजीपीजी कालेज में ग्लोबल ग्रीन्स के तत्वावधान में एक नेशनल रिवर कांफ्रेंस का आयोजन किया गया इसमें गंगा के किनर बसे शहरो में शैक्षिक जन जागरूकता के साथ ही गंगा के वैज्ञानिक आवाम और प्रदूषण के साथ ही पर्यावरण व जल संरक्षण की जानकारी दी गयी इस कांफ्रेंस में कन्वेनर प्रोफेसर पीके घोष ने गंगा की उपयोगिता पर चर्चा की इस दौरान ग्लोबल ग्रीन्स के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ग्रीन कुम्भ अवधारणा की जानकारी दी और कहा कि गंगा में गिरने वाला जाजमऊ नाला व सीसामऊ नाला प्रतिबंधित कर दिया गया है
 
 
अन्य नाले व टेनरियों का गंदा पानी भी गंगा में जाने से रोका जा रहा है गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए हरसम्भव प्रयास किए जा रहे हैं प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के आयोजन में केंद्र व प्रदेश सरकार सभी प्रयास कर रही है कि श्रद्धालुओ को स्वच्छ गंगा जल में आचमन करने की व्यवस्था हो सके इसी कड़ी में हम लोग भी गंगा के किनारे बसने वाले शहरो में ग्रीन कुम्भ की अवधारणा की प्रस्तुति कर रहे है ताकि गंगा के किनारे बसने वाले लोगों के साथ ही आमजनता को भी गंगा को प्रदूषित न करने के लिए जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारों के साथ साथ हम लोगों की भी यह जिम्मेदारी है कि अपनी पतित पावनी मां गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाये ताकि विश्व के सामने सर ऊंचा कर उसकी निर्मलता व स्वच्छता की कसम उठा सकें। 
 
डॉक्टर स्वाति सक्सेना ने बताया कि नमामि गंगे के अंतर्गत गंगा की स्वच्छता को लेकर गंगा के किनारे रहने वालों को जागरूक करते है उन्हें गंगा प्रहरी बनाते हैं साथ ही विभिन्न महाविद्यालयो के छात्रों की ग्रीन फोर्स बनाकर गंगा के रखवालों के रूप में उनकी नियुक्ति करते है साथ ही गंगा के किनारे पेड़ पौधों को लगाकर उनकी रखवाली का जिम्मा देते हैं और पर्यावरण को कैसे सुरक्षित कैसे किया जाए इसकी भी जानकारी उपलब्ध कराते है इस कांफ्रेंस में गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के साथ ही पर्यावरण के प्रति कैसे जागरूक हो इसके लिए इलाहबाद विश्वविद्यालय के योगेंद्र नारायण सिंह ,रश्मि द्विवेदी संदीपा विश्वास और कल्पना समेत अनेकों छात्र छत्राओ ने अपने अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किये।
 
इस अवसर पर डॉक्टर अर्चना वर्मा, मुकुलिका हितकारी,हिना अफशां, मंजुला श्रीवास्तव , डॉक्टर रुखसाना समेत तमाम प्रोफेसर मौजूद रहे।

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