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Tuesday, 18 December 2018

कानपुर-मा गंगा की आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ बिठूर महोत्सव




 
 ब्यूरो -कानपुर रवि गुप्ता 
 
 ब्रह्मा जी की भूमि और पॉवन ब्रह्मावर्त घाट और प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857  की क्रांति से जुड़ी हुई स्थली शहर से अलग हट कर बसी हुई बिठूर स्थली में आज से बिठूर महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया। 18 दिसम्बर से 22 दिसम्बर तक चलने वाले इस विशाल बिठूर महोत्सव ने हर दिन अलग अलग थीम्स पर भव्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे आज इस महोत्सव की शुरुआत भव्य गंगा आरती से शुरुआत हुई और उसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियों ने इस सर्द और गुलाबी ठंड को और मनमोहक बना दिया।
 
 
 
चारो तरफ रंग बिरंगे लाइटों से बिठूर मानो अलग ही मनोरम छटा बिखेरता हुआ नजर आ रहा है आज इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मेयर  प्रमिला पांडे, मंडलायुक्त सुभाष शर्मा ,एडीजी अविनःश चन्द्र और आईजी आलोक सिंह ने शिरकत की।
 
 जहां सभी ने हाथ जोड़कर मां गंगा को नमन किया और आरती में शामिल हुए मेयर प्रमिला पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि कानपुर बिठूर ब्रम्हा जी की भूमि(सृष्टि निर्माण स्थल), सीता की नगरी, लव/कुश का जन्म स्थान ,रानी लक्ष्मी का शैशव काल एवं प्रथम स्वंतंत्रता संग्राम (1857) के शुरुआत की स्थली है। इस धरती को कोटि कोटि नमन है। वही मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि इस ऐतिहासिक,धार्मिक एवं पौराणिक स्थल में महोत्सव में सभी उम्र के लोगो की भावनाओ का ख्याल रखा गया है। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्य क्रम के साथ-साथ किड जोन, कृषि ,वैकल्पिक ऊर्जा फ़ूड स्टाल व अन्य स्टाल अपने अपने में अनूठे हैं। परम पिता ब्रह्मा के द्वारा इसी स्थान से सृष्टि के उत्पत्ति की पौराणिक अवधारणा ,उसके पश्चात  नानासाहेब पेशवा,तात्या टोपे,रानी लक्ष्मी बाई अजीमुल्ला एवं अजीजन बाई की कर्म स्थली है।उनकी कुर्बानी पीढ़ी-दर-पीढ़ी याद रहेगी।हम सब का दायित्व है कि धार्मिक स्थलों के सम्मान के साथ धरोहरों को संरक्षित रखें। लगातार दिन बदल -बदल कर सांकृतिक कार्यक्रम होंगे।साथ ही  विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष नगर पंचायत बिठूर निर्मला सिंह ने नानासाहेब के किले को मुक्त कराने की अपील की।

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