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Sunday, 3 February 2019

M.P. रीवा-नौकरी के बदले 1 लाख रुपये का धूस माँगने का आडियो वायरल

मध्यप्रदेश रीवा रिपोर्ट  -प्रभुनाथ पाण्डेय
रीवा। हम बात कर रहे हैं चाकघाट नगर परिषद कि जहाँ के पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीएमओ बाल गोविंद चतुर्वेदी पर नौकरी के बदले 1 लाख रुपये का धूस माँगने का आडियो वायरल हुआ है जिसपर नगर परिषद चाकघाट के पार्षद विजय गुप्ता द्वारा रीवा प्रभारी मंत्री लखन घंघोरिया के रीवा आगमन पर उन्हें ज्ञापन सौंपकर जाँच एवं भ्रष्ट सीएमओ पर कड़ी कार्यवाही कि माँग की हैं।



क्या है पूरा मामला
पीड़ित परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने बताया कि दीक्षा केशरवानी पढ़ी लिखी हैं और परिवार वालों को मार्च 2018 में सुचना प्राप्त हुई थी कि नगर परिषद चाकघाट में कम्प्यूटर आपरेटर का पद का खाली है जिसपर दीक्षा केशरवानी के भाई ने नगर परिषद के अध्यक्ष से बात करी अध्यक्ष ने कहाँ इस विषय में हमें जानकारी नहीं है आप सीएमओ के आफिस जाकर सीएमओ से बात कर लो जिसके बाद कन्या और उसके भाई सोपनल केशरवानी ने नगर परिषद सीएमओ के आफिस जाकर सीएमओ से नौकरी के विषय पर बात करी सीएमओ ने बोला हाँ कम्प्यूटर आपरेटर का पद खाली है

तथा सीएमओ द्वारा कन्या के डिग्री और पढ़ाई कि जानकारी ली तो उनको ठीक लगा एवं कन्या ने सीएमओ से पुछा कि सर आप एक महीने का वेतन कितना देंगे तो सीएमओ ने बताया कि आपको 10800 रूपये महीने का वेतन दिया जाएंगा कन्या ने बोला ठीक है। फिर सीएमओ ने कन्या से कहाँ विभिन्न डिग्रियों कि छायाप्रति और एक आवेदन बना कर दे दो और कन्या द्वारा डिग्री कि छायाप्रति और आवेदन दिया गया एवं कन्या दीक्षा केशरवानी को कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर काम करने की अनुमति सीएमओ द्वारा दी गई एवं दूसरे दिन से दीक्षा केशरवानी के द्वारा अपनी ड्यूटी प्रतिदिन कम्प्यूटर के पद पर देने लगीं और दो महीने बीत जाने के पश्चात भी उसे अपना वेतन ना मिलने पर उसने एवं घर वालों ने सीएमओ से वेतन कि माँग करी जिसपर सीएमओ ने नगरपरिषद के एक कर्मचारी के हाथों कन्या के पास 6 हजार रूपये भेजवाया और बकाया पैसा माँगने पर सीएमओ बाल गोविंद चतुर्वेदी ने कहाँ आप काम करते रहिए आपको पूरा वेतन मिल जाएगा घबराने कि जरूर नहीं  जब एक महीने बीत जाने के बाद सभी कर्मचारियों को वेतन मिलने लगा और दीक्षा केशरवानी को वेतन ना मिला तो दीक्षा के भाई ने फिर सीएमओ से बात करी जिस पर सीएमओ ने फिर बहाना बनाया और अगले महीने के लिए आश्वासन दिया और जब चार माह बीत जाने के बाद जब वेतन कि बारी आई तो सीएमओ ने अपना रंग बदलते हुए 1 लाख रुपये धूस कि माँग रख दी जिसपर कन्या के परिवार वालों ने किसी तरह कर्ज एवं सहायता लेकर 50 हजार रूपये इक्काठा करके सीएमओ बाल गोविंद चतुर्वेदी के आफिस में जाकर सीएमओ को 50 हजार रूपये नगद दिया और बोला कि अब इससे ज्यादा पैसा हम नहीं दे सकते जिसपर सीएमओ ने 50 हजार रूपये को स्वीकार कर उसे रख लिया उसी दिन रात्रि करीब 9 से 10 के बीच  फोन करके 50 हजार रूपये कि और माँग करी जिसका आडियो  रिकार्ड हो गया उस आडियो रिकार्ड में cmo ने 50 हजार रुपये  ज्वाइन डारेक्ट को और पीआरसी मीटिंग पर सभी पार्षदों को 2-2 हजार रूपये देने कि बाते कहीं cmo ने उस आडियो पर ये भी कहाँ कि और कर्मचारियों से ज्यादा पैसा लिया हैं

 आपसे 1 लाख रुपये कम ले रहे हैं अगर आप 1 लाख रुपये दोगे तभी आपका काम हो पाएगा अन्यथा नहीं हो पाएगा और बात समाप्त हो जाती हैं। जब घर वालों ने डेढ़ माह तक बीत जाने के बाद भी सीएमओ को 50 हजार रूपये और ना दिया गया तो सीएमओ ने अगस्त महीने पर कन्या दीक्षा केशरवानी के खाते पर 2 महीने का वेतन 9568 के हिसाब से उसके खाते में ट्रासफर कराते हैं। और कुछ दिनों बाद 24 अगस्त के करीब उसे कम्प्यूटर पद से हटा दिया जाता है और उसके स्थान पर दूसरी कन्या को रख लिया गया। कन्या द्वारा नगर परिषद कार्यालय में कुल 6 माह काम किया गया है परन्तु उसे ढाई महीने वेतन दिया गया है बकाया पैसा अभी तक cmo द्वारा  खाते में ट्रासफर नहीं किया गया है। सीएमओ एवं कन्या के घरों वालों  के बीच हुए पैसे लेनेदेने का आडियो रिकार्ड कन्या के घर वालों के पास मौजूद हैं कन्या के घर वालों ने समाचार के माध्यम से कलेक्टर कमिश्नर एवं मुख्यमंत्री कमलनाथ से कन्या के साथ हुए इस ना इंसाफी पर सीएमओ बाल गोविंद चतुर्वेदी पर कड़ी कार्यवाही करने माँग की हैं। जहां एक और सरकार कन्यों को आगे बढ़ाने के लिए नई नई स्कीमे ला रहीं वहीं ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों कि सच सामने आने से शासन प्रशासन कि छवि खराब हो रही है। अगर नगर परिषद में हो रही ठगी का सही तरीके से जाँच करी जाएँ तो कई घोटालों कि पोल खुल सकतीं हैं खैर अब देखना दिलचस्प यहाँ होगा कि इस मामले को प्रकाशित करने के बाद उच्च अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही कि जाती हैं।

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