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Tuesday, 18 June 2019

वाराणसी-बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन का नाम वीरांगना एक्सप्रेस करने की मांग


ब्यूरो कैलाश सिंह विकास 

वुंदेले हरबोलो से हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी व काशी की बेटी थी। स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अंग्रेजों के दात खट्टे करने वाली वीरांगना लक्ष्मीबाई की जयंती भदैनी स्थित उनकी जन्मस्थली पर मंगलवार को मनायी गयी। जागृति फाउण्डेशन एवं वीरांगना महरानी लक्ष्मीबाई जन्म स्थान स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोकजित समारोह का सुभरंभ  मुख्य अतिथि संकट मोचन मंदिर के महंत एवं आई.आई.टी., बीएचयू मे  प्रो.  विश्वंभर नाथ मिश्र, विशिष्ट अतिथि रामेश्वर मठ के प्रबंधक पं. वरूणेश चन्द्र दीक्षित एवं साहित्यकार डॉ. जय प्रकाश मिश्र ने संयुक्त रूप से वीरांगना के मूर्ति पर माल्यार्पण करके किया। इसके पश्चात स्वामी नारायणानंद तीर्थ वेद विद्यालय के वटुकों ने महारानी के स्मृति मे वेद पाठ कर उनको अपनी •ाावांजली अर्पित की। इस अवसर पर संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विशंभर नाथ मिश्र ने कहा की वीरांगना लक्ष्मीबाई ने 1857 की लड़ाई अपने पराक्रम से पूरे देश में वीरता की एक ऐसी मिसाल की, उसके बाद से ही अंग्रेजो के पांव  उखड़ना शुरू हो गया और उन्होनें अपने जिंदा रहते अपनी रियासत में अंग्रेजों को प्रवेश नहीं करने दिया, ऐसी महान विभूति का जन्म काशी के भदैनी मुहल्ले में हुआ है। 

यह हमलोगों का सौभाग्य है की हम उनकी जन्मस्थली को नमन कर रहे है। उन्होनें जिला प्रशासन से  अनुरोध किया की ऐसी वीरांगना की जयंती व पुण्यतिथि के साथ-साथ, 15 अगस्त व 26 जनवरी को आयोजन कर उनकी स्मृति में आयोजन करे।  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि वरूणेश चन्द्र दीक्षित व साहित्यकार डॉ. जय प्रकाश मिश्र ने वीरांगना को श्रद्वांजली देते हुए कहा की काशी की वेटी ने पूरे विश्व में काशी व देश् का नान किया जो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए जागृति फाउण्डेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने कहा की वराणसी के सांसद व देश के पी.एम. मोदी से मांग की वह रानी लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली वाराणसी से चलकर उनकी शहीद स्थली ग्वालियर जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन का नाम बदलकर वीरांगना एक्सप्रेस ट्रेन करने की मांग की। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन रामयश मिश्र ने किया।  इस अवसर पर आशाराम बापू, प्रभुनाथ त्रिपाठी, विश्वनाथ यादव उर्फ छेदी, कृष्णमोहन पाण्डेय, विनय कुमार मिश्र, नरेन्द्र त्रिपाठी हरिनाथ गोड़, सोनू सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

इसके पूर्व वीरांगना की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर सोमवार की शाम को उनकी जन्मस्थली पर दीपदान कर श्रद्वांजली दी गयी। जागृति फाउण्डेशन के तत्वावधान में आयोजित समारोह का शुभारंभ रामेश्वर मठ के प्रबंधक वरूणेश चन्द्र दीक्षित व साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश मिश्र ने दीप प्रज्जवलन करके किया। इसके पश्चात स्वामी नारायणानंद तीर्थ वेद विद्यालय के वेदपाठी वटुकों ने वेद मंत्रो के साथ दीपदान कर रानीलक्ष्मी बाई को श्रद्वांजली दी। दीपदान में ग्यारह सौ दिया जलाकर वीरांगना को श्रद्वांजली दी गयी। दीपदान में उपस्थित लोगों ने महारानी को याद करते हुए कहा की आपकी वीरता की वजह से हमारा देश स्वतंत्र हुआ, आप को बार-बार नमन। कार्यक्रम का संचालन रामयश मिश्र ने किया। दीपदान में विनय कुमार मिश्र, हरिनाथ गौड़, राणा जय सिंह सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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