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Monday, 26 August 2019

प्रदेश में गंगा किनारे के 16 जिलों में बनेगा जैव विविधता पार्क


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नमामी गंगे योजना के तहत केंद्र सरकार प्रदेश में गंगा किनारे के 16 जिलों में जैव विविधता पार्क बनाने जा रही है। स्थानीय स्तर पर वन विभाग इसकी देखरेख करेगा। मिर्जापुर जिले में पहाड़ी ब्लाक के मोहनपुर में 180 हेक्टेयर में जैव विविधता पार्क बनाया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने नई दिल्ली में इसका प्रेजेंटेशन दे दिया है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

डीएफओ राकेश चौधरी के अनुसार वन विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर ली है और 2024 तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाना है। निर्माण कार्य पर 6 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। जैव विविधिता पार्क को मुख्यत: दो जोन में बांटा जाएगा।

 विजिटर्स जोन और नेचर कंजरवेशन में अलग-अलग सुविधाएं होंगी। विजिटर्स जोन में नेचर इंटरप्रीटेशन सेंटर, नेचर ट्रायल्स, वाटर बॉडीज, हर्बल गार्डेन, नर्सरी, सेक्रेड ग्रोव, नक्षत्र वाटिका, पंचवटी,  नवग्रह वाटिका, रीक्रियेशनल पार्क, बर्डिंग एरिया, रोकरी गार्डेन आदि प्रमुख रमणीय स्थल होंगे। साथ ही पंचवटी वाटिका में बेल, बरगद, आंवला, पीपल और अशोक के पेड़ होंगे।

नक्षत्र वाटिका में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि जैव विविधता पार्क बन जाने से जिले में पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा।

इन जिलों में बनेंगे पार्क

डीएफओ राकेश चौधरी ने बताया कि मिर्जापुर के अलावा कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कानपुर, कन्नौज, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, रायबरेली,  बुलंदशहर, मेरठ, बदायूं, हापुड़ और बिजनौर में भी पार्क बनाए जाएंगे।

तो प्रदेश का पहला जैव विविधता पार्क होगा  

प्रदेश में अभी तक एक भी जैव विविधता पार्क नहीं है। नमामी गंगे परियोजना के तहत केंद्र सरकार ने मिर्जापुर समेत गंगा किनारे के 16 जिलों में जैव विविधता पार्क बनवाने का फैसला किया है। मिर्जापुर में अगर समय से पार्क बनकर तैयार हुआ तो यह प्रदेश का पहला जैव विविधता पार्क होगा।

जैव विविधता पार्क बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। नई दिल्ली में इसका प्रजेंटेशन भी दिया जा चुका है। जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
- राकेश चौधरी, डीएफओ।

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