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Tuesday, 6 October 2020

गोण्डा: सिपाही के घर पर गांव के ही दबंगों ने लाठी-डंडों धारदार हथियार से बोला हमला पिता की हालत गंभीर

राकेश सिंह गोण्डा

सिपाही के घर पर गांव के ही दबंगों ने लाठी-डंडों धारदार हथियार से बोला हमला पिता की हालत गंभीर

गोण्डा जिले में  4  अक्टूबर  जिले के नये कप्तान लाख कोशिशें कर लें लेकिन यहां का बिगड़ा सिस्टम पटरी पर आने वाला नहीं है! पुलिस पीड़ितों की फरियाद नहीं सुन रही है जिससे आला अधिकारियों की ड्योढ़ी पर लोग दस्तक देने को विवश हैं। हद तो तब हो गई जब अपने ही विभाग के कांस्टेबल के परिजनों को न्याय मुहैया कराने में इलाकाई पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए।थाने पर फरियाद न सुने जाने के कारण पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, लेकिन यहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी। घटना धानेपुर थाना क्षेत्र के बरईपारा गांव की है। यहां के निवासी 65 वर्षीय जगदीश मिश्र पुत्र राम छबीले का बेटा यशवंत मिश्र यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और वह लखनऊ के एक थाने में तैनात है।आरोप है कि गांव के ही दबंगों ने सिपाही के घर पर रात में लाठी-डंडा व धारदार हथियार से हमला बोल दिया और उसके परिवार के लोगों की बुरी तरह पिटाई कर दी। इस घटना में सिपाही यशवंत के पिता को गंभीर चोटें आईं हैं। इसके अलावा जगदीश की पत्नी 60 वर्षीया प्रमिला मिश्रा, पुत्री 20 वर्षीया दीपा मिश्रा, बड़े भाई 73 वर्षीय राम चन्द्र मिश्रा को भी मारापीटा गया।प्रमिला मिश्रा ने बताया कि शनिवार की रात्रि करीब 8 बजे घर के लोग खाना खा रहे थे। उसी दौरान गांव के ही सुरेश मिश्रा सहित करीब एक दर्जन लोगों ने घर पर हमला कर दिया और परिवार के लोगों को मारने पीटने लगे। प्रमिला ने बताया कि उसके गले में सोने की जंजीर थी, जिसे छीन लिए। उसने बताया कि उसके घर के सामने ट्रैक्टर खड़ा था, जिसे हटवाने को लेकर उन पर हमला किया गया है।उन्होंने बताया कि धानेपुर थाने पर जब तहरीर दिया, तो पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इलाकाई पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पीड़ित परिवार रविवार को एसपी ऑफिस पहुंचा जहां अवकाश होने के कारण वहां मौजूद एक सिपाही ने उनकी तहरीर तो ले ली लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो सकी। समाचार लिखे जाने तक दबंगई का शिकार परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर न्याय की आस में बैठा रहा।

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