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Thursday, 7 January 2021

उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश का बढ़ता प्रवाह

उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश का बढ़ता प्रवाह
लेेेखक- राजेश चन्द्र गुप्त


उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरान्त विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं/कार्यक्रमो को लागू करने के साथ ही औद्यागिक विकास को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा। प्रदेश में औद्यौगीकरण तथा रोजगार के व्यापक अवसरों को सृजित करने के लिये बेहतर माहौल तैयार किया गया। उन्होंने इनवेस्टर्स समिट तथा ग्राउण्ड बे्रकिंग सेरेमनी का आयोजन कर उद्यम विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट कर दिया। पूंजी निवेश हेतु आकर्षक आयोजनों के फलस्वरूप आज उद्यमी प्रदेश में पूंजी निवेश करने के लिये आकर्षित ही नहीं हुए हंै, बल्कि उत्तर प्रदेश को औद्यौगिक निवेश का गन्तव्य बनाने हेतु आतुर हैं।
सरकार के सकेारात्मक प्रयासों से प्रदेश में औद्यौगिक इकाइयों की स्थापना हेतु पूंजी निवेश की गति जहां प्रवाहमान हुई है, वहीं उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य बन गया, जहां सबसे अधिक पूंजी निवेश स्वयमेव आ रहा है।  या यूं कहा जाए कि पं्रदेश में उद्योगों के विभिन्न क्षेत्रो ंमें बड़े स्तर पर पूंजी निवेश की प्रक्रिया तेजी से प्रवाहमान है।
प्रदेश में इनवेस्टर्स समिट में 4.28 लाख करोड़ रू0 के 1045 प्रस्ताव राज्य को मिल, जिसमें विभिन्न इकाइयां स्थापित करने में निवेशकों ने विशेष रूचि प्रदर्शित की। इसीप्रकार ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में उत्तर प्रदेश को डिफेंस काॅरीडोर के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। प्रथम ग्राउण्ड बे्रेक्रिंग सेरेमनी में 61792 करोड़ रू0 के 81 इकाइयों की स्थापना के लिये एम0ओ0यू0 किये गये, जिसमें से 30618 करोड़ रू0 की 41 परियोजनाआ ने कामर्शियल उत्पादन शुरू कर दिया है। तथा 16301 करोड़ रू0 की 16 परियोजनायें प्रगति के तिवभिन्न चरणो ंमें है।
इसी प्रकार दूसरे ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान 67754 करोड़ रू0 के 290 एम0ओ0यू0 हस्ताक्षिरित किये गय। इनमें से 18041 करोड़ रू0 की 72 परिपरियोनाएं उत्पादन रत हो चुकी है। तथा 38824 करोड़ रू0 की 133 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में उत्पादनरत होने की दशा में प्रगति पर है।
इस प्रकार ग्राउण्ड ब्रेंकिं्रग सेरेमनी के दौरान हस्ताक्षरित हुये कुल 371 परियरोजनाओं में से 48659  करोड़ रू0 की 113 इकाइयों ने कामर्शियल उत्पादन शुरू हो चुका है। 49125 करोड़ रू0 की 159 इकाइयों के जल्द ही पूर्ण होने की सम्भावना है।
इनवेस्टर्स समिट के दौरान हुये एम0ओ0यू0 में से 49147 करोड़ रू0 की 152 इकाइयों ने उत्पादन प्रारम्भ कर दिया गया है।  55055 करोउ़ रू0 के 175 इकाइयां निर्माण एवं उत्पादन के विभिन्न स्तरो ंपर है।
इनके अलावा 7848 करोड़ रू0 की चार इकाइयों ने प्रदेश में तिभिन्न उत्पादों की इकाइयां स्थापित करने की इच्छा ही नहीं जताई, बल्कि इन इकाइयों ने स्थापना का कार्य भी शुरू कर दिया है। इनके अलावा दक्षिण अफ्रीका की कम्पनी मिल्कोर डिफेंस प्रा0 लि0 द्वारा अलीगढ़ में रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में 20 करोउ़ रू0 का निवेश किये जाने के लिये एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किया गया है।      
इसके साथ ही वस्त्रोद्योग एवं आई0टी0 की कम्पनियों ने भी इकाइयों स्थापित करने में रूचि दिखाई। इन इकाइयों के माध्यम से करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इन निवेश प्रस्तावों में भारत के अलावा, जापान, अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों की कम्पनियों प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के है।  
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेाप्त प्रस्तावों के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों हेतु विशेष दिलचस्पी प्रदर्शित करते हुये इच्छुक कम्पनियांें को औद्यौगिक विकास प्राधिकरणों के माध्यम से लगभग 426 एकड़ के 327 भूखण्ड आवंटित किये जा चुके है। इसमें करीब 6700 करोड़़ रू0 के निवेश किया जाना प्रस्तावित है। स्थाापित होने वाली कम्पनियों में सूर्या ग्लोबल, हीरा नन्दानी ग्रुप, हिन्दुस्तान, यूनीलीवर, एम0जी0 कैप्सूल्स, केशों पैकेजिंग, माउन्टेन व्यू टेकनाॅलाॅजी, एडिसिन मोटर्स, एसोसियेटेड ब्रिटिश फूड पी0एल0सी0, याजाकी, तथा वान वेलेक्स कम्पनी आदि है।
औद्यौगिक विकास हेतु पूंजी निवेश को प्रोत्साहन देने हेतु सरकार द्वारा किये गये सार्थक प्रयासों के फलस्वरूप औद्यौगिक इकाइयों की स्थापना एवं कारोबारी जरूरतों से जुड़े 7000 से अधिक लायसेंस व एन0ओ0सी0 जारी करने की व्यवस्था की गई। निवेश मित्र पोर्टल के माघ्यम से आवेदन, लायसेंस, एनओंसी तथा फीस जमा ेकरने की सुविधा प्रदान की गई। वर्तमन में उद्यमियों/निवेशकों को 22 विभागों की 122 सेवायें निवेश मित्र द्वारा सुलभ कराई जा रही है। जल्द ही निवेश मित्र पोर्टल पर भूमि, भवन व श्रम से सम्बंधित 58 नई सेवायें प्रारम्भ करने की कार्यवाही त्वरित गति से जारी है। निवेश मित्र पोर्टल पर 20 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 98 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निस्तारण फौरी तौर पर किया गया, जो निवेशकों के लिये सकारात्मक माहौल का परिचायक रहा। इसके साथ ही गत 30 माह में सरकार को  2.64 लाख आवेदन प्राप्त हुये, इनमें से 2.14 लाख आवेदनो ंपर लायसेंस व एन0ओ0सी0 तय समय सीमा में डिजिटल सिग्नेचर कंे माध्यम से जारी किये गये। राज्य सरकार ने उद्यमियों की सहूलियत के लिये कृषि भूमि के औद्यौगिक उपयोग के परिवर्तन शुल्क की दर को 35 से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। इससे निवेशकों को कृषि भूमि को औद्यौगिक भू उपयोग में बड़ी राहत मिलेगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में औद्यौगिक इकाइयों की स्थापना हेतु आकृष्ट होंगें और रोजगार के अवसरो ंमें भी भारी वृद्धि होगी।            
स्थापित हो रही इकाइयों में प्रमुख रूप से हीरा नन्दानी ग्रुप द्वारा ग्रेटर नोएडा में 750 करोड़ रू0 के निवेश से डाटा सेन्टर की स्थापना, एसोसियेटेड ब्रिटिश फुूड पीएलसी (ए0बी0मोरी) यू0के0 द्वारा 750 करोड़ रू0 के निवेश से खमीर मैन्यूफैक्चरिंग, सूर्या ग्लोबल्य फ्लैक्सी फिल्म प्रा0 लि0 द्वारा यमुना एक्सप्रेस-वे में 953 करोड़ रू0 के निवेश से मेटेलाइज्ड फिल्म प्रोडक्शन प्लांट, एकाग्रेटा इंक कनाडा द्वारा लखनऊ में 746 करोड रू0 के निवेश से अनाज अवसंरचना उपकरण प्लांट, एडिसिन मोटर्स कम्पनी दक्षिण कोरिया द्वारा 750 करोड़ रू0 के निवेश से इलेक्ट्रिक वाहन प्लांट, जापान की याजाकी कम्पनी द्वारा 2000 करोड़ रू0 के निवेश से वायरिंग हारनेस एवं कम्पोनेंट में किया जा रहा है।
इसी प्रकार जर्मनी की वान वेलेक्स कम्पनी द्वारा जेवर व मथुरा में 300 करोड़ रू0 की दो इकाइयां फुटवियर की स्थापित की जा रही हंै। जे0एन0वी0 एरिका प्रा0लि0 द्वारा अलीगढ़ व लखनऊ में 75 करोड़ रू0 की लागत से रक्षा उत्पादों की इकाई स्थापित करेगी। एकंर रिसर्च लैब्स, एलेन एण्ड एलवन प्रा0 लि0, पी0बी0एम0 इन्सोलेशन्स, नित्या क्रियेशंस इडिया, दीप एक्सप्लो इक्विपमेंट इंडिया, श्रीदा उद्योग, प्रिसीजन प्रोक्ट्स, पी0-2 लागिटेक, जय साईं अनु ओवरसीज, कोबरा इन्डस्ट्रीज, न्यू स्पेस रिसर्च एण्ड टेकनालाॅजी, वेैरिविन डिफेंस प्रा0 लि0 कम्पनियों भी प्रदेश में 1021 करोड़ रू0 से इकाइयां स्थापित करने पर काम कर रही हंैं।    
ब्रिटेनिया इन्डस्ट्रीज द्वारा वाराणसी में 300 करोड़ रू0 से एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाई जा रही है। डिक्शन टेकनालाॅजी नोएडा/ग्रेटर नोएडा में 200 करोड़ रू0 का निवेश कन्ज्यूमर इलेक्ट्रानिक्स यूनिट में कर रही है। जर्मनी की वान वेलिक्स यमुना एक्सप्रेस वे तथा आगरा में फुट वियर निर्माण में 300 करोड़ रू0 तथा यू0एस0 की मैक साफ्टवेयर कम्पनी नोएडा में साफ्टवेयर क्षेत्र में 200 करोड़ रू0 का निवेश करने जा रही है। सैमंसग कम्पनी 4800 करोड़ रू0 से प्रदेश में डिस्प्ले यूनिट स्थापित कर रही है। इसमें अप्रैल 2021 से कामर्शियल उत्पादन शुरू होने की सम्भावना है। इस इकाई के प्रारम्भ हो जाने से लगभग 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इनके अतिरिक्त नोएडा में दो व लखनऊ में एक सेन्टर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की कार्यवाही प्रगति पर है। डिफेंस काॅरीडोर के तहत लखनऊ में टाटा टेकनालाजी के सहयोग से सेन्टर आफ एक्सीलेंस का निर्माण प्रस्तावित है, जिस पर शीघ्र कार्यवाही की जा रही है। नोएडा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेन्टर आफ एक्सीलेंस आई0आई0टी0 कानपुर द्वारा स्थापित किया जायेगा।
डिफेंस काॅरीडोर में रक्षा उत्पादों की इकाइयां स्थापित होने से रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में भविष्य में उत्तर प्रदेश प्रमुख भूमिका निभायेगा। रक्षा उद्योग में स्वदेशीकरण को प्रमुखता दी गई है। डिफेंस कारीडोर की स्थापना प्रदेश के 6 जिलों- लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, फतेहपुर  व अलीगढ़ में की जा रही है। इसमें अलीगढ़ कानपुर, झांसी व चित्रकूट में 1290 हे0 भूमि का अधिग्रहण करके भूमि निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। रक्षा उत्पादों के अन्तर्गत हलके लड़ाकू, हेलीकाप्टर, मालवाहक विमान, पारम्परिक पनडुब्बियां, तोपें, क्रूजे, मिसाइलें तथा इनके पाट्र्स आदि  सहित 101 सामान अब मेक इन इंडिया की तर्ज पर बनेंगे। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में 50 हजार करोड़़ रू0 का निवेश प्रस्तावित हैै। इन इकाइयों के मूर्तरूप लेने पर करीब पांच लाख से अधिक लांेगों को रोजगार की सुविधा मिलेगी। इन इकाइयों की स्थापना से प्रदेश की तस्वीर तथा तकदीर बदल ही नहीं बदल जायेगी, बल्कि यह प्रदेश रक्षा उद्योग का नया मैन्यूफैक्चरिंग हब अब होगा।
 विश्व प्रसद्धि शस्त्र निर्माता कम्पनी बेब्ले स्काॅट ने लखनऊ के सियाल ग्रुप की साझेदारी में संडीला (जनपद हरदोई) में 100 करोड़़ रू0 से 32 बोर की रिवाल्वर निर्माण इकाई की स्थापना की गई है। शस्त्र निर्माण की यह पहली विदेशी कम्पनी है, जो रिवाल्वर के अलावा पिस्टल, बन्दूक, एयरगन व कार्टिज भी बनायेगी। जल्द ही इसका उत्पादन एवं विभिन्न पाटर््स बाजार में उपलब्ध होने लगेंगे। इस कम्पनी की खास बात यह है कि यहां उत्पाद की एसेम्बलिंग ही नहीं होगी, बल्कि शस्त्र का एक पुर्जा इसी कम्पनी में निर्मित किया जायेगा।  
औद्यौगिक विकास विभाग द्वारा उद्योगों के समग्र विकास हेतु एक्सपे्रस वे के किनारे 22 हजार एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इसमें फिरोजाबाद, आगरा, उन्नाव, चित्रकूट, मैनपुरी  एवं बाराबंकी जनपदों में 6 उच्च सम्भावना वाले स्थलों की पहचान की गई है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में एम0एस0एम0ई0 पार्क, इलेक्ट्रानिक पार्क, परिधान पार्क, हस्तशिल्प पार्क, तथा खिलौना पार्क की स्थापना प्रस्तावित है। जेवर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, फिल्म सिटी, एवं इलेक्ट्रानिक सिटी के विकास की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जा रही है, जो जल्द ही मूर्तरूप ले लेगी। इन परियोजनाओ ंके पूर्ण होने पर इनमें करीब 40 हजार करोड़़ रू0 का निवेश सम्भावित है और लगभग तीन लाख से अधिक लोगों को रोजगार के सीधे अवसर उपलब्ध हो सकेंगें।
वस्त्रोंद्योग के क्षेत्र में भी निवेशकों ने विशेष रूचि दिखाई है। इन्वेस्टर्स समिट में 66 वस्त्रोद्योग इकाइयों की स्थापना के लिये एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किये गये थे। इनमें से 39 इकाइयों का विभिन्न स्तरों पर काम चल रहा है, 11 अन्य इकाइयों को भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इनकी स्थापना हो जाने पर व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाने की आशा है। इस क्षेत्र में करीब 1415 करोड़़ रू0 का निवेश होगा और करीब 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा पांच अन्य इकाइयांें को भूमि आवंटन की कार्यवाही की जा रही है, इन इकाइयों में लगभग 36 करोड़ रू0 का निवेश प्रस्तावित है तथा एक हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे ।  
जिन 11 वस्त्रोद्योग की इकाइयों ने उत्पादन प्रारम्भ कर दिया है। , इनमें 641 करोड रू0 का निवेश किया गया है। करीब 300 लोग रोजगार पाकर लाभान्वित हो रहे है। गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा व कानपुर में 9 अन्य इकाइयों पर कार्य प्रगति पर है। इनमें करीब 193 करोड़ रू0 का निवेश किया जा रहा है। इन शहरों में वस्त्रोद्योग की इकाइयों के शुरू हो जाने पर लगभग पांच हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इन सभी इकाइयांें के मार्च 2021 से पहले कामर्शियल उत्पादनरत होने की सम्भावना है।  
राज्य सरकार नेाएडा में एक अपेरल एक्सपोर्ट क्लस्टर बनाने भी जा रही है। इस क्लस्टर में एक ही स्थल पर 70 वस्त्रोद्योग की इकाइयां स्थापित होंगी। इसके लिये 55 एकड़ जमीन का चिन्हांकन किया जा चुका ळै। दूसरा टेक्सटाइल क्लस्टर मथुरा में तथा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना बरेली में करने की कार्यवाही की जा रही ळै। इन तीनों टेक्सटाइल पार्कों पर करीब 5500 करोड़ रू0 का निवेश प्रस्तावित है और 50 हजार लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
वर्तमान में निरन्तर हो रहे आर्थिक बदलावों को दृष्टिगत रखते हुये योगी सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हंै। प्रभावी रणनीति बनाई गई है और भावी योजनाए/कार्यक्रम निवेशकों के अनुरूप निर्धारित किये जाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही औद्यौगीकरण से सम्बंधित सभी नीतियों को आकर्षक, व्यावहारिक एवं पारदर्शी बनाने के साथ ही श्रम कानूनों में व्यापक शिथिलीकरण और परिवर्तन किये जा रहे है। निवेशकों को प्रदेश में मनचाहे स्थान पर इकाई लगाने की सुविधा प्रदान की गई है।    
़  इस प्रकार राज्य में निरन्तर औद्यौगिक विकास को महत्व दिया जा रहा है, ताकि औद्यौगिक वातावरण ऐसा बन सके, जिससे पूंजी निवेश का प्रवाह निरन्तर बना रहे और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित हों।
 सरकार की प्रभावी रणनीति एवं कदमों का ही परिणाम है कि अब अधिकारी उद्योगपतियों के दरवाजे पर स्वयं दस्तक देने लगे हैं और उन्हें उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं की जानकारी देकर प्रदेश में आने का न्योता दे रहे है। सरकार इस बात के लिये भी काफी सजग है कि प्रदेश में पूंजी निवेश का प्रवाह मात्र बड़े उद्योगों तक ही सीमित न रहे, बल्कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, ग्रामीण उद्योगों तथा हस्तकला कौशल के क्षेत्र में भी हो, ताकि प्रदेश का पिछड़ापन तेजी से दूर हो सके और लोगों के सामाजिक व आर्थिक स्तर में भी वांछित सुधार आ सके तथा लोग अन्यत्र पलायन का रूख न कर सकें।
निश्चित ही हम कह सकते हैें कि औद्यौगिक कार्य संस्कृति के विकास की दिशा में सरकार के प्रयास महत्वपूर्ण कदम हंै।  इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सफल एवं कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का जो संर्वागीण विकास तेजी से हो रहा है, वह भविष्य में मील का पत्थर होगा। उत्तर प्रद्रेश को देश का अग्रणी राज्य उद्योग क्षेत्र में प्रतिष्ठापित होने से कोई रोक नहीं सकेगा और सरकार की सेंवदनशीलता से पूंजी निवेश का प्रवाह निरन्तर जारी रहेगा ।

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