निज प्रतिनिधि
गुठनी/सिवान। गुठनी स्थित लोकमान्य तिलक उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज परिसर में रविवार को भोजपुरी पुनर्जागरण मंच का प्रखंड स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता सुबास कुशवाहा ने की, जबकि संचालन प्रो. भृगुनाथ प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में मंच के मार्गदर्शक मंडल के सक्रिय सदस्य एवं आयोजक नितीश कुशवाहा तथा पूर्व विधायक प्रत्याशी चंद्रमा मांझी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भोजपुरी भाषा को सम्मान दिलाने तथा इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए लोगों को जागरूक करना रहा। वक्ताओं ने भोजपुरी के संरक्षण, संवर्धन और संस्थागत विकास के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत कवि एवं साहित्यकार डॉ. शंभू यादव संगम के नेतृत्व में अतिथियों के स्वागत एवं माल्यार्पण से हुई। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से भोजपुरी भाषा के महत्व, सम्मान और व्यापकता को रेखांकित करते हुए उपस्थित लोगों को जागरूक किया।
सम्मेलन में मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह, प्रदेश संयोजक प्रो. रवींद्र भोजपुरिया, कैप्टन वीरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह तथा संगठन मंत्री तारकेश्वर दूबे सहित अन्य पदाधिकारियों ने भोजपुरी भाषा में अपने विचार रखे।
राष्ट्रीय संयोजक ने युवाओं और भोजपुरी भाषी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में अभियान से जुड़ने तथा भोजपुरी भाषा के अधिकार और सम्मान के लिए अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। प्रदेश संयोजक प्रो. रवींद्र भोजपुरिया ने लोगों से अपनी मातृभाषा भोजपुरी को गर्व और सम्मान के साथ बोलने की अपील की।
भोजपुरी कवि सत्येंद्र सिंह सिवानी ने कविता के माध्यम से भाषा के प्रति सम्मान और जागरूकता का संदेश दिया। समाजसेवी एवं भोजपुरी के वक्ता सुरेंद्र यादव ने भोजपुरी भाषा की उपयोगिता, गहराई और व्यापकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिक्षक एवं साहित्यकार विक्रांत कुमार ठाकुर ने भोजपुरी में संबोधन कर उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।
अंत में आयोजक नितीश कुशवाहा ने सम्मेलन में पहुंचे साहित्य प्रेमियों और भोजपुरी भाषी लोगों का आभार जताया। उन्होंने अगले आयोजन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और सभा कक्ष को पूरी तरह भरने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कवि रवि कुमार शुक्ला, मनोज पांडेय, सुदर्शन यादव, रत्न प्रकाश, नित्यानंद यादव एवं धर्मेंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और भोजपुरी भाषा से जुड़े लोग मौजूद रहे।
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