चार-पांच दोस्तों के साथ नहाने गया था निखिल, गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा; अब तक नहीं मिला सुराग
कृपा शंकर चौधरी
गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के रजही-चिलबिलवा स्थित तुर्रा नाले में शनिवार दोपहर नहाने गया युवक निखिल गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद से ही उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उसका शव बरामद नहीं हो सका है। बेटे के लापता होने की खबर सुनकर स्वजन बदहवास हैं। नाले के किनारे खड़े पिता की निगाहें पानी में बेटे को तलाशती रहीं। परिवार के लोग उसके सुरक्षित मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे निखिल चार-पांच दोस्तों के साथ तुर्रा नाले में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ नहा रहे दोस्तों ने घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय युवक भी नाले में उतरकर उसकी तलाश करते रहे। इसके बाद बचाव दल ने तलाश अभियान शुरू किया। हालांकि, अब तक निखिल का पता नहीं चल सका है।
पांच साल से मौसी के घर रह रहा था निखिल
निखिल मूल रूप से पिपराइच थाना क्षेत्र के भटहट ब्लॉक स्थित पोखरभिंडा उर्फ चकदहा गांव का निवासी है। वह पिछले पांच वर्षों से चिलबिलवा के डिप्टी टोला में अपनी मौसी रुमाली देवी और मौसा जयप्रकाश के घर रह रहा था। उसने कक्षा 10 तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वह स्टील बिल्डिंग से संबंधित काम करने लगा था।
परिवार का इकलौता बेटा है निखिल
निखिल के पिता रंजू प्रसाद पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। वह अपने परिवार के साथ नंदानगर में किराये के मकान में रहते हैं। निखिल उनका इकलौता बेटा है और उसकी तीन बहनें हैं। बेटे के नाले में डूबने की खबर से मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग नाले के किनारे उसके मिलने की उम्मीद में बैठे हैं। हर गुजरते पल के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
निखिल की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है। परिवार और स्थानीय लोग उसके मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।