रिपोर्ट विनोद कुमार सोनबरसा बाजार गोरखपुर।
गोरखपुर /सोनबरसा बाजार क्षेत्र में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बासुदेव तिवारी सेवा संस्थान द्वारा संचालित,पुनर्जन्म नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र सोनबरसा बाजार में शनिवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम जीवन के अनुभवों को सुना जाए। सच्ची आवाज़ें,वास्तविक बदलाव’ रही। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहें व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता,सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की सचिव डॉ.रीना मालवीय ने किया। मालवीय ने अपने उद्बबोधन में उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और संकोच को दूर करना आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति के अनुभवों को सम्मानपूर्वक सुनना उसकी समस्याओं को समझना और आवश्यकता पड़ने पर उचित परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने नशामुक्ति एवं पुनर्वास की प्रक्रिया में भावनात्मक संबल,पारिवारिक सहयोग और सामाजिक स्वीकार्यता की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संचालन अमरेंद्र कुमार तिवारी ने किया। अपने उद्बबोधन में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि व्यक्ति की भावनाओं और अनुभवों को समझना तथा उसे अपनी बात कहने का अवसर देना आवश्यक है। उन्होंने नशामुक्ति की प्रक्रिया में मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में निखिल पॉवेल ने स्वागत उद्बबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और उनके पुनर्वास में सहयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में जितेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों संस्थान के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्ति एवं पुनर्वास के प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों को उपेक्षा या भेदभाव के बजाय समझ सम्मान और सहयोग की आवश्यकता होती है। समय पर परामर्श, उचित उपचार, पारिवारिक सहयोग और पुनर्वास सेवाएँ व्यक्ति को स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर वर्षा, कविता,नितीश,देवी प्रसाद तिवारी सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहें।
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