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Sunday, 29 April 2018

पिछले दशकों से विश्वपटल पर परचम लहराने में नाकाम रहा भारत, ऊल-जलूल बयानों से नेताओं की हो रही ब्रांडिंग



विश्वपति वर्मा

देश के युवाओं को डॉक्टर इंजीनियर बनने के लिए 10 साल तक समय बर्बाद करने की आवश्यकता नही है ।देश और प्रदेश के कई हिस्सों में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है उसके पास रोजगार के लिए ठोस योजना है इस लिए वह नही चाहती है कि लोग रोजगार के लिए समय बर्बाद करें ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पकौड़े बनाने की सलाह दे चुके हैं अब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देव् भी चाहते हैं कि गाय पाल कर दूध बेंचों और पान बेंचकर रोजगार स्थापित करो ।

वर्ष 1998 में जब नई शदी में जनता को मूर्ख बनाने के लिए ब्यूरोक्रेसी द्वारा नीतियां बनाई जा रही थी तब अमेरिका में गूगल की स्थापना हो चुकी थी ।वर्ष 2004 में जब भाजपा और कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक सीट निकालने के लिए योजनाबद्ध तरीके से जनता को ठगने के लिए योजना बनाई जा रही थी तब अमेरिका में फेसबुक जैसे विशाल नेटवर्किंग साइट्स का विस्तार हो चुका था ।

आज जिस ट्वीटर हैंडल पर देश के नेताओं द्वारा दिन भर की गतिविधियों को साझा किया जाता है उस ट्वीटर को 2006 में बना लिया गया था। तब भारत मे सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी की वजह से  बुम्बई में हुए बम धमाके में 187 लोगों की मौत हो चुकी थी वंही 800 लोगों को आंख, कान , हाथ ,पैर गंवाने पड़े।

ऐसे ही कई मौके पर जब विदेश में टेक्नोलॉजी का परचम लहराया जाता है तब भारत मे गाय ,गोबर ,मूत्र ,जाति, धर्म ,जैसे बेबुनियाद तथ्यों पर ब्यूरोक्रेसी द्वारा ऊल-जलूल बयान जारी किया जाता है ।जो देश के समग्र विकास में बाधा उत्पन्न कर रही है।

अब देखा जाए तो सारी विसंगतियों का देन सत्ताधारी हैं ,क्योंकि जब देश के नागरिकों को शिक्षित बनाने की जरूरत पड़ी तब यंहा की जनता को साक्षर बनाने का अभियान चल पड़ा जिसमे न केवल पैंसों की बर्बादी हुई बल्कि शिक्षा का स्तर भारत मे निचले पायदान पर रहा।मंदिर-मस्जिद के नाम पर नागरिकों को लड़ाया गया ,निजी स्वार्थ के लिए धरना प्रदर्शन में गोलियां चलाई गई ,मतदाता के बच्चों को उचित शिक्षा देने की बजाय उन्हें कारपोरेट घरानों के गुलाम बना दिया गया ,सरकारी शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त कर दी गई ,अमीरों के बच्चे हावर्ड और कैलिफ़ोर्निया में दाखिला लेने लगे  ।अब ऐसी स्थिति में देश मे उच्च कोटि के गरीब लोगों की प्रतिभा का चयन कैसे हो पायेगा। क्या अपनी ब्रांडिंग करने के लिए ही भारत मे नेताओं का जन्म होता है?

अभी हालिया बयान बाजी में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देव का जो बयान देश के युवाओं और वेरोजगारों के प्रति आई है वह निंदनीय है ।मुख्यमंत्री होने के नाते  बिप्लव को प्रदेश में रोजगार स्थापित करने के लिए योजना बनाने की जरूरत है न कि शहीद हुए युवाओं और बेरोजगारों के लाश से छेड़छाड़ करें ।क्योंकि देश का युवा अब राजपुरुषों द्वारा गिरगिट की तरहं रंग बदलने की वजह से शहीद सा हो गया ।

1 comment:

  1. Aap jaise logo Ki samaj Ko awashyakta hai jo itna bindas likhte hai

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