रिपोर्ट—विनोद कुमार, सोनबरसा बाजार, गोरखपुर।
गोरखपुर। पिपराइच ब्लॉक क्षेत्र का पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय गौरा इन दिनों किसी स्कूल से कम और बिना टिकट वाले ‘Water Park’ से ज्यादा नजर आ रहा है। लगातार बारिश और नहर के पानी ने विद्यालय परिसर में ऐसा डेरा जमाया है कि मैदान देखकर लगता है जैसे स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के लिए ‘Swimming Pool’ की भी व्यवस्था कर दी गई हो।
विद्यालय के मुख्य मार्ग को छोड़ दें तो परिसर के अधिकांश हिस्से में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों और शिक्षकों को स्कूल पहुंचने के लिए रास्ता तो मिल जाता है, लेकिन मैदान में कदम रखते ही ऐसा महसूस होता है जैसे ‘School Campus’ नहीं, बल्कि कोई छोटा-मोटा पोखरा हो।
जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी ‘Sports Activity’ पर भी ब्रेक लग गया है। स्कूल में खेल सामग्री तो पर्याप्त है, लेकिन मैदान में पानी भरा होने के कारण बच्चे फिलहाल खेल के मैदान की जगह पानी को ही निहारने को मजबूर हैं। अभिभावकों को भी चिंता सता रही है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ सकता है।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अशोक सिंह ने बताया कि जलभराव की समस्या की जानकारी संबंधित विभाग को दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में खेलकूद की पर्याप्त सामग्री मौजूद है, लेकिन नहर, नाले और बारिश के पानी के कारण मैदान में खेल गतिविधियां संचालित नहीं हो पा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात आते ही हर साल विद्यालय परिसर की यही तस्वीर सामने आती है। पानी आता है, कुछ दिन ठहरता है और बच्चों की पढ़ाई व खेलकूद को ‘Pause Mode’ में डालकर चला जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बार-बार लौट आती है।
अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग और सिंचाई विभाग से मांग की है कि विद्यालय परिसर से तत्काल पानी निकलवाने के साथ ही जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। ताकि आने वाले समय में पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय गौरा की पहचान ‘Education Hub’ के रूप में हो, ‘Water Park’ के रूप में नहीं।
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