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Wednesday, 16 May 2018

वाराणसी: , आधी रात हादसे वाली जगह का दौरा करने पहुंचे योगी ,फ्लाइओवर हादसे में 18 की मौत


वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पुल गिरने से अबतक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, तीन लोगों को बचाया गया है और कई लोग घायल हैं. लापरवाही के चलते फ्लाइओवर के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर समेत चार अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं. फ्लाईओवर का निर्माण उत्तर प्रदेश स्टेट ब्रिज कारपोरेशन करवा रहा था.  यूपी की योगी सरकार ने मृतकों के परिवार को पांच-पांच लाख रुपए की मदद का एलान किया है.

लॉक नहीं किया गया था बीम- चश्मदीद

बता दें कि कल शाम वाराणसी में कैंट स्टेशन के पास फ्लाईओवर का स्लैब गाड़ियों पर गिर गया. ये फ्लाइओवर अभी बन ही रहा था और इसके नीचे से ट्रैफिक गुजर रहा था. फिलहाल बचाव और राहत का काम खत्म हो गया है. चश्मदीदों ने बताया कि जो बीम गाड़ियों के ऊपर गिरा था वो दो महीना पहले ही रख दिया गया था, लेकिन उसे लॉक नहीं किया गया था. हादसे के बाद चारों तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई.

आधी रात हादसे वाली जगह का दौरा करने पहुंचे योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधी रात में हादसे वाली जगह का दौरा किया है. सीएम योगी ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों को बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं. राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है. योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस हादसे में घायल लोगों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था और हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए.

पीएम मोदी ने जताया दुख

पीएम मोदी ने राजधानी दिल्ली में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जीत की खुशी है, लेकिन बनारस में हुए हादसे से मन भारी है.
मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा

ये हादसा दुर्घटना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास जीटी रोड पर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने हुआ है. सीएम योगी ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

जांच के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की है, जिसमें कृषि उत्पादन आयुक्त आर.पी. सिंह, मुख्य अभियंता (सिंचाई) भूपेंद्र शर्मा और जल निगम के प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल को नामित किया गया है. मुख्यमंत्री ने टीम को घटना की पूरी जांच और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करने और तकनीकी व अन्य सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है.


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