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Thursday, 9 August 2018

लखनऊ -आखिर सिद्धार्थनगर के इन गावों में किसी ने क्यों नहीं लड़ा प्रधानी का चुनाव

ग्राउंड रिपोर्ट -
विश्वपति वर्मा 

जब पंचायत के चुनाव में ग्रामवासी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं तो यह कैसे हो सकता है कि चुनाव के वक्त कोई प्रधानी के लिए दावेदारी न करे ,यदि आप सुनते हैं कि फला गांव से किसी ने प्रधानी का चुनाव नहीं लड़ा तो आपके मन में कई तरहं के सवाल खड़े होने लगेंगे ,आप सोचेंगे कि हो सकता है यंहा कोई योग्य नहीं है ?या फिर किसी तरहं के बवाल होने की आशंका से चुनाव नहीं हुआ और न जाने क्या-क्या बात आप सोचेंगे। लेकिन ऐसा कोई भी मामला नहीं है ,जिले के 11 प्रधान के पद खाली रह गए इसका कारण यह है कि अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट पर किसी उम्मीदवार का न होना।

दरअसल टीम तहकीकात ने सिद्धार्थनगर के कुछ गावों में भ्रमण किया तो उस दौरान हमारी टीम मिठवल ब्लॉक के असनहरा ग्राम पंचायत में पंहुची ,केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में हम  ग्रामवासियों से जानकारी ले रहे थे इस दरमियान गांव के निवासी दीपू सिंह ने बताया कि असनहरा ग्राम पंचायत जनजाति के लिए आरक्षित हुआ है ,लेकिन गांव में कोई जनजाति वर्ग के लोग नहीं है जिसकी वजह से सीट खाली रह गया।


  ठोस जानकारी के लिए हमने जिला प्रशासन से बात की तो पता चला की मिठवल ब्लॉक के असनहरा ही नहीं  मिठवल बुजुर्ग, निसहर, शोहरतगढ़ ब्लाक के महनौली व चोड़ार,खेसरहा के करही बगही,डुमरियागंज के बनगवा नानकार, , नासिरगंज, भूपतजोत, नौगढ़ ब्लाक के महदेवा लाला व पारा नानकार, , ग्राम पंचायत भी आरक्षित सीट पर उम्मीदवार न होने से खाली चली गई 


इस संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी सिद्धार्थनगर हर्षिता माथुर से गैर प्रधान वाले ग्राम पंचायतों के बारे में जानकारी ली गई कि क्या ऐसे ग्राम पंचायत में समग्र एवं समेकित विकास की योजनाएं पंहुच रही है या नहीं तो उन्होंने बताया कि ... 
ऐसे ग्राम पंचायत जिसमे पंचायत चुनाव में मतदान नहीं हुए थे उसमे राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं को संचालित किया जा रहा है जिसकी जिम्मेदारी प्रशासक संभाल रहे है 

हर्षिता माथुर ,मुख्य विकास अधिकारी ,सिद्धार्थनगर 

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