कानपुर-पुलिस की कार्य संस्कृति में परिवर्तन की है जरूरत - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

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Wednesday, 26 September 2018

कानपुर-पुलिस की कार्य संस्कृति में परिवर्तन की है जरूरत

जिला संवाददाता- रवि तहकीकात न्यूज़ 
 
आईजी सिविल डिफेंस अमिताभ ठाकुर बुधवार को कानपुर के फूलबाग स्थित सिविल डिफेंस  कार्यालय पहुंचे जहां पर सिविल डिफेंस के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ नागरिक सुरक्षा विभाग में क्या काम हो रहा है, क्या स्थितियां है, यहां क्या काम कर रहे है और जो कमियां है उन्हें दूर कैसे किया जाए जिसको लेकर  स्थलीय और भौतिक सत्यापन कर उसका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभाग में कमियां पायी गयी।वही सिविल डिफेन्स के कर्मचारियों  के संग बैठक कर जानकारिया भी प्राप्त करी। 
 
 
 
निरिक्षण के दौरान अमिताभ ठाकुर ने पाया कि अधिकारी अपना काम का ठीक ढंग से निर्वहन नही कर रहे है जिसको लेकर उन्हें चेतावनी दी गयी है।  जल्द से जल्द इसे ठीक किया जाए अन्यथा कार्यवाई की जाएगी। अमिताभ ठाकुर ने बताया कि यहां पर लगभग 400 पद वार्डन सेवा के खाली है जिन्हें जल्द ही ट्रेनिंग देकर पूर्ति की जाएगी। प्रदेश भर में लगभग 1 लाख वार्डन काम कर रहे है जबकि कानपुर में 16 हज़ार वार्डन है यहां पर 4 लोगो ने अच्छा कार्य किया है जिन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा जिनमे विजय पासवान,सुखदेव सिंह, संजय तिवारी और ओम प्रकाश शामिल हैं। 
 
जिस तरह से आज पुलिस की नौकरी में आईपीएस लेवल के अधिकारी सुसाइड जैसा कदम उठा रहे है उसको लेकर अमिताभ  ठाकुर ने बताया कि मैने खुद आईआईएम लखनऊ से इसी विषय पर शोध किया है कि पुलिस के ऊपर तनाव अन्य विभागों से ज्यादा होता है जिस तरह से दोनों सुसाइड हुए उसमे सबसे बड़ा कारण यही है कि पुलिस की कार्य संस्कृति में अकारण तनाव की ज्यादा स्थितियां पैदा हो जाती है और ऐसी स्थितियां बन जाती है कि न चाहते हुए भी तनाव में हो जाते है  पुलिस की कार्य संस्कृति में आवश्यक परिवर्तन की जरूरत है। सुरेंद्र दास जैसे युवा अफसर ने सुसाइड किया है उसमें जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 10 वर्ष पहले फैज़ाबाद में एक एडिशनल एसपी ने एक आईजी के दबाव में गोली मारकर सुसाइड किया था वह आईजी इतने प्रभावशाली थे कि मुकदमा भी दर्ज नही हो पाया। कहीं न कहीं उच्च अधिकारियों का दबाव रहता है जिसकी जांच होनी चाहिए। 
 
पूर्व की सरकार में मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने रेप और आय से अधिक सम्पति के मामले में हमारे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए जिससे मैं और मेरी पत्नी लगातार कहते रहे कि यह जांच गलत है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिस तरह से मुझे बदनाम करने की कोशिश की गई जिस तरह से इन लोगों ने गलत जांच करके हमें फंसाने की कोशिश की है मैं इनके खिलाफ गायत्री प्रसाद प्रजापति, पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और पूर्व प्रमुख सचिव गृह थे देवाशीष पंडा के खिलाफ मुकदमा करवाऊंगा और आगे बड़ी कार्यवाई की मांग करूँगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध बढ़ने के पीछे राजनीतिक परिवारों का दबाव होता है,अधिकारियों पर दबाव बना कर राजनेता अपराध को बढ़ावा देते है पिछली सरकार में मेरी ईमानदारी से नाखुश राजनेताओ ने मेरे और मेरे परिवार के ऊपर अत्याचार किया और झूठे मुकदमे लगाए।

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