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Sunday, 23 September 2018

बुखार से सैंकड़ों लोग असमय जान गंवा रहे हैं- कांग्रेस के प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह

तहकीकात न्यूज़ डेस्क 

एक तरफ जहां दवाओं एवं चिकित्सीय अभाव के चलते बुखार से सैंकड़ों लोग असमय जान गंवा रहे हैं, बच्चे काल के गाल में समां रहे हैं वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र एवं राज्य सरकार आज आयुष्मान योजना के शुभारम्भ की आड़ में अपने प्रचार-प्रसार में गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रूपये बहाकर एक बार पुनः देश और प्रदेश की जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है।   

 

 

आज लखनऊ में राज्यपाल और केन्द्रीय गृह मंत्री तथा गोरखपुर में मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना का शुभारम्भ कर रहे हैं। स्वयं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ गोरखपुर के उसी राजकीय बी0आर0डी0 मेडिकल कालेज में इस योजना का शुभारम्भ कर रहे हैं जहां बच्चे बुखार से पीड़ित हैं और डाक्टर उनको बचा नहीं पा रहे हैं। इलाज भी ठीक से नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं अभी कुछ समय पूर्व ही सैंकड़ों नौनिहाल बच्चों की मौत आक्सीजन और दवाओं के अभाव में हो चुकी है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है। 

 

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि उ0प्र0 में बुखार से लगभग एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। परन्तु सरकार इस पर कोई चिन्ता नहीं कर रही है। उल्टे आयुष्मान योजना का शुभारम्भ कर प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है। गरीबों के लिए 5 लाख तक की निःशुल्क इलाज की व्यवस्था का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, जबकि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था इस कदर जर्जर स्थिति में है कि किसी भी बीमारी को कण्ट्रोल करने की स्थिति सरकार के अस्पतालों में नहीं रह गयी है वहां इस योजना का क्या औचित्य है? आम जनता को कैसे इस योजना का लाभ मिलेगा इसके बारे में सरकार बता पाने में असमर्थ है। कोई भी चिकित्सीय व्यवस्था तभी फायदेमन्द हो सकती है जब इलाज करने के लिए डाक्टर एवं दवा उपलब्ध हो। अस्पतालों में बेड न होने से बीमार बच्चों केा वापस भेजा जा रहा है जिससे वह निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं और गरीब परिवारों के बच्चे इलाज के अभाव में अपनी जान से हाथ धो रहे हैं। 

सरकार को सबसे पहले बीमारी पर कण्ट्रोल करना चाहिए तत्पश्चात ही किसी अन्य योजना का शुभारम्भ कर उसकी वाहवाही लूटनी चाहिए। किसी भी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार अत्यन्त आवश्यक है लेकिन जिस प्रकार प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जगह-जगह अन्य केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा भव्य आयोजनों में करोड़ों रूपये बर्बाद कर शुभारम्भ की योजना फैलायी जा रही है यह गरीबों के हित की कम सरकार के प्रचार-प्रसार की ज्यादा प्रतीत होती है क्येांकि आये दिन सरकार पैसे की कमी का बहाना बनाकर जनता को गुमराह करती रहती है। 

सिंह ने अनुरोध किया है कि सरकार अविलम्ब बच्चों की बीमारी और अन्य मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे दवाओं एवं चिकित्सीय अभाव में अनवरत हो रहीं असमय मौतों को रोका जा सके। 

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