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Saturday, 1 September 2018

राफेल घोटाला’ देशिहत को दांव पर लगाकर, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने ,याअपने पूंजीपति मित्रो को फायदा


धर्म प्रकाश 

 राफेल विमान के सौदे को लेकर सरकार और कांग्रेस एक बार फिर से आमने सामने है, एक ओर कांग्रेस ने आज इस मुद्दे पर देशभर में 7 जगहों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है तो दूसरी तरफ सरकार की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोर्चा संभाला है। बुधवार को वित्त मंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट राफेल विमान सौदे को लेकर सरकार का पक्ष रखा और साथ में कांग्रेस पार्टी पर सौदे में देरी करने और देश की सुरक्षा के साथ समझौता करने का आरोप भी लगाया।

राफेल घोटाला’ देशिहत को दांव पर लगाकर, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने और अपने पूंजीपति  मित्रो  को फायदा

पहुंचाने के गडबडझाले का जीता जागता उदाहरण है, इस पूरे मामले मे भारत सरकार की कंपनी, हिंदुस्तान  एरोनॉटिक्स लिमिटेड  (HAL) को दरिकनार कर दिया गया।

स्वतंत्र भारत के सबसे बडेरक्षा सौदे मे‘भारत के साथ विश्वासघात  करने की
कला’ मोदी सरकार का मंत्र  बन गई है। झूठ पकड़े जाने के बाद मोदी सरकार पूरे मामले पर पर्दा  डालने की नाकाम सािजश मे जुटी है।

लडाकू  राफेल घोटाला - 526 करोड़ . का  जहाज 1670 करोड़  . मे खरीदकर सरकारी खजाने को 41,205 करोड़  .का चूना लगाया

कांगेस की यूपीए सरकार के दौरान 12दिसम्बर , 2012 को खुली अंतर्राष्टीय  बोली के अनुसार 126 राफेल लडाकू जहाज खरीदे गए और प्र्तेक  लडाकू जहाज का मूलय 526.10 करोड़ था। 18 लडाकू जहाज फ़्रांस  से बनकर आने थे और 108 लडाकू जहाज भारत की पब्लिक सेक्टर  कंपनी,हिंदुस्तान  एयरोनॉिटकस लिमिटेड दारा ‘टांसफर ऑफ टेकॉलॉजी’ के तहत बनाए जाने थे। इस मूलय पर 36 लडाकू जहाजो की कीमत 18,940 करोड़ आती है

10 अपैल, 2015 को प्रधानमंत्री  नरेंद्र  मोदी ने पेरिस , फांस मे 7.5 विलियन  यूरो (1670.70 करोड़ .प्रति लडाकू जहाज यानि  36 जहाजो केलिए 60,145 करोड़  मे36 राफेल लडाकू जहाजो की ‘ऑफ-द-शेल्फ ’ इमरजेसी खरीद की घोषणा कर डाली। इस मूल्य  की पुस्टि डसॉलट एवियेशन की ‘वार्षिक रिपोर्ट , 2016’ मे(संलगक A1) तथा रिलायंस डिफेन्स लिमिटेड  की
प्रेस विगयपति  (संलगक A2) से होती है। कया प्रधान मंत्री  मोदी देश को बताएंगेकी  सरकारी खजाने से 41,205 करोड़  . ज्यादा  कयो लुटाए जा रहे है?

2. ‘ खरीद मूल्य  बताने के लिए  गोपनीयता की कोई सर्त नही - संसद मे मोदी का झूठ पकडा गया
जहां प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री   ने ‘गोपनीयता की शर्त  की दुहाई देकर 36 राफेल लडाकू जहाजो का खरीद मूल्य संसद को
बताने से इंकार कर दिया , वही भारत और फांस के बीच हए समझौते मे ऐसी कोई शर्त ही नही है, जो इन जहाजो के खरीद
मूल्य  को बताने से रोकती हो (संलगक A3)। डसॉलट एविएशन और रिलायंस डिफेंस  लिमिटेड ने इन जहाजो के खरीद मूलय
का खुलासा सवयं कर दिया (संलगक A 1 ए वं A2)। यही नही, कांगेस की यूपीए सरकार ने अपने कार्य काल मे डसॉलट एविएशन दारा बनाए गए मिराज लडाकू जहाज, सुखोई लडाकू जहाज एवं अन्य  रक्षा  खरीद का मूल्य संसद के पटल पर
रखा था (संलगक A4)। तो फिर, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री  क्या छिपाने की कोिशश कर रहे है? क्या मूल्यों  को इस तरह छिपाए जाने से एक बडे ‘घोटाले’ की बू नही आती?

राष्ट्रीय सुरक्षा से खेलवार करते हए मोदी जी ने भारतीय वायुसेना के लिए आवशयक लडाकू जहाजो की संखया 126 से
घटाकर 36 क्यों  करा दी  गई  ? 36 राफेल जहाजो मे से पहला जहाज तो सितम्बर  2019 मे आएगा और अंतिम जहाज 2022 तक
भारत पहुंचेगा , यानी  अपैल, 2015 मे लडाकू जहाज खरीदने का फैसला करने के 8 साल बाद ये लडाकू जहाज वायुसेना को
मिलेगा । तो फिर  इमरजेंसी खरीद किस  बात की चीन और पाकिस्तान की ओर से बढते खतरे की दृश्य  से क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा  के साथ समझौता नही

3.कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरटी को दरकिनार  कर दिया  , डिफेंस प्रोक्योरमेंट  प्रोसीजर ’ की धज्जिया  उड़ा  दी और‘टांसफर ऑफ टेकॉलॉजी’ की बिल दे डाली  जब प्रधानमंत्री मोदी ने 10 अपैल, 2015 को 36 लडाकू जहाजो को खरीदने की घोषणा की:-

 10 अपैल, 2015 को 36 लडाकू जहाज खरीदने की घोषणा के वक्त तक कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरटी’ की
अनिवार्य पूर्ब  अनुमित नही ली गई।

डिफेंस प्रोक्योरमेंट  प्रोसीजर’ की धज्जियाँ उडा दी, यानी  ‘(CNC) और ‘ (PNC) दारा ‘सही मूल्य पता  करने की प्रकिर्या  को पूर्ण रूप से  ख़ारिज  कर दिया गया  ।

राफेल लडाकू जहाज भारत मे बनाने के लिए पीएसयू,हिंदुस्तान एयरोनॉटिकस लिमिटेड  को ‘टांसफर ऑफ
टेकॉलॉजी’ की बिल भी प्रधान मंत्री , नरेंद्र मोदी द्वारा दे दी गई।


 सरकार  कम्पनी -हिंदुस्तान एयरोनॉटिकस लिमिटेड  से 36000 करोड़  रु  का ‘ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट ’ छीना , रिलाइंस को 30,000 करोड़ रू . का डिफेंस  ऑफसेट  कॉन्ट्रैक्ट’ और 1,00,000 करोड़ रू  . का ‘लाईफ साइकल कॉन्ट्रैक्ट’मिला

इनपुट : कांग्रेस प्रेस नोट 

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