अखिलेश यादव प्रदेश के बिगड़ते हालात, बाढ़ से तबाही और लोगों की बढ़ती परेशानियों के प्रति चिंता - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Sunday, 9 September 2018

अखिलेश यादव प्रदेश के बिगड़ते हालात, बाढ़ से तबाही और लोगों की बढ़ती परेशानियों के प्रति चिंता



लखनऊ -महेंद्र मिश्रा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव प्रदेश के बिगड़ते हालात, बाढ़ से तबाही और लोगों की बढ़ती परेशानियों के प्रति चिंता जताते हुए इस बात पर दुःख  जताया है कि भाजपा सरकार को गांव-किसान-नौजवान की जिंदगियों की बेहतरी की चिंता नहीं, उन्हें तो समाजवादी पार्टी की ही चिंता सताती रहती है।  
     
 अखिलेश यादव आज लखनऊ से बाराबंकी होते हुए पूर्व मंत्री  योगेश प्रताप सिंह के गोण्डा जनपद के गांव भभूआँ, कर्नेलगंज उनके भाई और बहनोई की सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करने गए थे। रास्ते में बाराबंकी सीमा पर पहुंचते ही रामनगर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं गांवों के लोगों के साथ पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप एवं  राजेश यादव एमएलसी, मुबारकपुर में  सुरेश यादव एमएलए, मसौली में  रामगोपाल रावत, जरवल रोड पर पूर्व मंत्री पंड़ित सिंह और कर्नेलगंज में श्रीमती नंदिता शुक्ला और बैजनाथ दुबे अखिलेश यादव  के इंतजार में खड़े थे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ पूर्व मंत्री  राजेन्द्र चौधरी  भी थे। बाढ़ में गांवों की दशा और भाजपा की अनदेखी से व्यथित अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बिना सरकारी व्यवस्था के इंतजार के वे बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटें। उनको राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था करें तथा दवाइयों का भी इंतजाम करें। 
   
अखिलेश यादव ने देखा कि घाघरा नदी के प्रकोप से क्षेत्र में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ में फंसे लोगों से सरकार का कुछ लेना देना नहीं है। मुख्यमंत्री ने कोई राहत नहीं पहुंचाई। बाढ़ पीड़ितों के घरों में पानी भरा है। झोपड़ियां जलमग्न हैं। सड़कें खराब है। समाजवादी सरकार में आरसीसी की जरवल रोड बनने की शुरूआत हुई थी। चारलेन सड़क बननी थी। आज यह आधी -अधूरी पड़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री  इससे दुःखी हुए। एल्गिन चरसैंडी बांध कटने से सैकड़ों गांवों में जलप्रलय की स्थिति बन गई। फसलें बर्बाद हुई। पशुओं की मौत हो गई। जनधन की भारी क्षति हुई है। पर सरकार बेख़बर है।
  
      अखिलेश यादव ने रास्ते में बातचीत के दौरान कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में अब सौरऊर्जा को ज्यादा बढ़ावा दिया जाना उचित होगा। अगली समाजवादी सरकार बनने पर यह मुफ्त दी जाएगी। पूर्व राष्ट्रपति  ए.पी.जे. कलाम साहब ने समाजवादी सरकार द्वारा बनाए गए पूर्णतः सौरऊर्जा युक्त दो गांव का उद्घाटन किया था। गोण्डा और बाराबंकी के लोगों ने बताया कि बिजली की स्थिति बहुत ही खराब है। मुश्किल से 6-7 घण्टा बिजली आती है। 
        अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने अर्थव्यस्था को बहुत नुकसान पहुंचाया है। भाजपा राज में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है। मंहगाई चरम पर है। किसान को उसकी फसल का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। कर्ज से परेशान किसान फांसी के फंदे पर लटकने को मजबूर है। नौजवान का भविष्य अंधकार में है। उनको रोजगार देने का वादा सिर्फ वादा ही रहा। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सवर्ण-दलित में झगड़ा लगाकर जातीय संघर्ष के हालात पैदा कर दिए हैं। भाजपा लोगों को चैन से नहीं रहने देगी। भाजपा का यही एजेण्डा है कि साम्प्रदायिक तनाव बना रहे और समाज में अशांति कायम रहनी चाहिए।

        पूर्व मुख्यमंत्री  ने कहा कि भाजपा नेता लाख दावे करें पर सामान्य लोग भी जानते हैं कि विकास के काम समाजवादी सरकार के समय ही हुए थे। भाजपा की गिरती साख से उसका नेतृत्व बुरी तरह बौखलाया हुआ है। उनके बोल बिगड़ रहे हैं। लोकतांत्रिक मर्यादा और राजनीतिक शिष्टाचार को भूलकर भाजपा नेता समाजवादी पार्टी पर अनाप शनाप आरोप लगा रहे हैं। राजनीति में ऐसा पतन घटिया मानसिकता की देन है।


No comments:

Post a Comment