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आज का Tahkikat

Sunday, 7 October 2018

कानपुर-शारदीय नवरात्र पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देते मूर्तिकार





ब्यूरो कानपुर-रवि गुप्ता 

शारदीय नवरात्र का पर्व बुधवार से प्रारम्भ हो रहा है। और नवरात्र पर स्थापित की जाने वाली मां दुर्गा की मूर्तियों को मूर्तिकार दिन रात मेहनत करते हुए अंतिम रूप देने में जुटे हुए है।
देश भर में लोग नवरात्र के पर्व की तैयारियों में जुटना शुरू हो गया है और यह शारदीय नवरात्र का पर्व बड़ी धूम धाम से देश भर में मनाया जाता है बुधवार से शारदीय नवरात्र का पॉवन पर्व शुरू हो रहा है और शहर के कोने कोने में जहां पंडालो में तैयारियां शुरू कर दी गयी है ।बस पंडालों में मां के विराजमान का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है जहां मां शेरावाली भक्तों को दर्शन देंगी। और शहर के मूर्तिकार माँ की अद्भत मूर्तियों को अंतिम रूप देने लगे हैं।

 

साल भर से शुरू हो जाती है तैयारी

 कोलकाता से सन 1978 में आये ए के चक्रवती मूर्तिकार बचपन से ही इन्हें मूर्तियां बनाने का शौक है और यही उनका पेट भरने का रोजगार भी है। और अब वह साकेत नगर में रहकर अपने कारीगरों के साथ मिलकर साल भर से मूर्तिया बनाने का काम शुरू कर देते है और ए के चक्रवती द्वारा बनाई गई मां की अदभुत मूर्तियां शहर ही नही कई जिलों से लोग यहां ऑर्डर बुक कराकर यहां से मूर्तियां ले जाकर नवरात्र का पर्व मनाते हैं।

इस तरह देते हैं आकार

मूर्तिकार ए.के चक्रवती ने बताया कि मूर्ति को आकार देने में मिट्टी, पुआल, बांस,लकड़ी, रस्सी सजावट के लिए कलर और कपड़ा की आवश्यकता होती है ये सारा सामान कोलकाता से ही लाते हैं। इस बार लगभग ढाई सौ मूर्तियां बनाई है कस्टमर की डिमांड के हिसाब से भी ऑर्डर बुक किया जाता है। यहां केवल शहर ही नही बल्कि कई जिलों से लोग मूर्तियों का ऑर्डर बुक कराने आते है। इतनी सारी मुर्तिया ढाई या तीन महीने में नही लगभग साल भर से इसकी तैयारी शुरू कर दी जाती है।


1 मूर्ति माँ की 10 से 15 फीट की जिसको तैयार करने में लगभग 15 दिनों का समय लगता है। वही छोटी मूर्तियों में 7 दिन का समय लगता है।मूर्तिकार का कहना है कि उनके पास विभिन्न समितियों की तरफ से अनोखी मूर्तिया बनवाने के ऑर्डर भी आते है वही नटराज के नाम से प्रसिद्ध मूर्तियों की भी डिमांड ज्यादा रहती है।

कुछ कुछ मूर्तियां में महीना भर भी लग जाता है आर्य नगर की मूर्ति बंनाने में ढाई महीने लग गए साथ ही जिस तरह किसी भी रूप में कस्टमर मूर्तिया बनवाना चाहे वह हमें बताता है जिसमें लगभग 2 से  ढाई महीने का समय लग जाता है हम उन्हें समय देकर ऑर्डर बुक कर काम शुरू कर देते हैं। हमारे कारीगर भी कोलकाता से आते है। इंन मूर्तियो को तैयार करने में मूर्ति बनाने में लागत 10 से 15 हज़ार लग जाता है खर्चा ज्यादा है उतना कमा नहीं पाते यहां कस्टमर लागत के हिसाब से पैसा नही देता।

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