जिलों के नाम बदलना वास्तविक मुददों से जनता का ध्यान भटकाना - राष्ट्रीय लोकदल - तहकीकात न्यूज़

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Wednesday, 17 October 2018

जिलों के नाम बदलना वास्तविक मुददों से जनता का ध्यान भटकाना - राष्ट्रीय लोकदल

चीफ रिपोर्टर UP - चन्द्र मोहन तिवारी 
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नसीहत देते हुये कहा कि जनपदों के नाम बदल देने से प्रदेश का विकास होने वाला नहीं है क्योंकि विकास का रास्ता गांव से होकर जाता है। खेत और खहिलान के साथ साथ देश का किसान जब तक खुशहाल नहीं होगा तब तक विकास का सपना सपना ही रहेगा। लगभग 400 वर्ष बाद इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया गया एवं इससे पूर्व मुगलसराय जंक्षन का नाम बदलकर पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्षन किया गया जिसके सम्बन्ध में केवल इतना कहा जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी ने नाम परिवर्तन करके ही अपने विकास की इतिश्री मान ली है। 
त्रिवेदी ने कहा कि जब किसी जनपद का नाम बदला जायेगा तो करोड़ो का राजस्व भार प्रदेश सरकार पर पडे़गा क्योंकि सरकारी विभागों के साइन बोर्ड के साथ साथ प्रिन्टिंग सामग्री एवं कम्प्यूटर साफ्टवेयर के साथ साथ रेलवे और परिवहन विभाग की टिकट प्रिन्टिग मषीनों आदि में कई करोड रूपये खर्च होंगे। जिसका सीधा असर प्रदेश की जनता पर पडे़गा। यदि इसी धनराशि से इलाहाबाद में कोई फैक्ट्री स्थापित कर दी जाती अथवा किसी बंद पडी फैक्ट्री का संचालन कर दिया जाता तो पूर्वांचल के हजारों मजदूरों को रोजगार मिल जाता और उन्हें गुजरात या महाराष्ट्र में जाकर मार न खानी पड़ती। ऐसा करने से प्रदेश में कहीं से विकास नजर आने लगता परन्तु खेद है कि मुख्यमंत्री महोदय का विकास से कोई दूर दूर तक वास्ता ही नहीं है।
रालोद प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश का वास्तविक विकास शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की सजगता से ही सम्भव है क्योंकि चारो ओर बेसिक पाठशालाओं में तथा प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों में लापरवाही का बोलबाला है। पाठशाला में शिक्षकों का अभाव है तो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो में डाक्टरों और दवाओं का अभाव प्रदेश सरकार की विकास की नीयत पर प्रकाश डाल रहा है। जिलों के नाम बदलना वास्तविक मुददों से जनता का ध्यान भटकाने के साथ साथ राजकीय कोश का दुरूपयोग करने के अतिरिक्त कुछ नहीं है

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