सिख पंथ का इतिहास भारत को सदैव शक्ति देता रहेगा - मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ - तहकीकात न्यूज़

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Monday, 29 October 2018

सिख पंथ का इतिहास भारत को सदैव शक्ति देता रहेगा - मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ

तहकीकात न्यूज़ डेस्क


भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने गुरू नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर सिख समाज को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरूनानक जी का 14वीं-15वी शताब्दी में प्रादुर्भाव हुआ, जिनका आज 550वां प्रकाश पर्व हम सभी मना रहे है। जिस सीमा पर हमलें सबसे ज्यादा झेले गए उस जगह पर सिख धर्म की स्थापना की गई। पूजा-ईबादत के साथ-साथ एक लड़ाकू फौज भी तैयार की गई जो देश की रक्षा के लिए लड़ सके।




आप सभी उस वीर फौज की विरासत से जुडे़ हुए लोग है। उन्होनें कहा कि गुरू गोबिन्द सिंह जी के बेटों ने देश के लिए सिख धर्म के लिए, हिन्दुओं के लिए अपने बेटों को दीवार में जिन्दा चुनवाना पंसद किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। आज की राजनीति में लोगों को गुरू गोबिन्द सिंह जी से सीखना चाहिए जिन्होंने देश के लिए अपने बेटे खो दिये, पर आज राजनीति में बेटों के लिए देश को बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए आज भी गुरू गोबिन्द सिंह जी के बलिदान व गुरूनानक देव जी की वाणी की उतनी ही जरूरत है जितनी उस समय थी। 

डा. पाण्डेय ने कहा कि सिखों की जो अच्छाईयाँ है उनसे सभी प्रेरणा लेते है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आन्दोलन के वक्त एक शब्द चला था कारसेवक। ये कारसेवक शब्द सिख समाज की ही देन है। भारत के पंजाब से कारसेवक शब्द आगे बढते हुए कारसेवक के रूप में अयोध्या आन्दोलन में इतिहास में दर्ज हो गया है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने साढे चार वर्ष में एक ईमानदार व साफ सुथरी सरकार देकर हिन्दुस्तान के अंदर भ्रष्टाचार विहीन सरकार चलाई। सरकार में भारत की सीमाओं को मजबूती देने का काम हुआ।
 
 
पाकिस्तान ही नहीं चींन को भी पीछे धकेलने का काम हुआ। सर्जिकल स्ट्राइक एक ईमानदार, दृढ निश्चय वाली सरकार के रहते ही सम्भव हुआ। डा. पाण्डेय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिखों के प्रति हमेशा कटिबद्ध है इसका उदाहरण है कि 1984 में सिख दंगो के दौरान दिल्ली में अटल जी के घर के पास सिख भाई टैक्सी चलाते थे, उस वक्त हिंसा के भीषण दौर में जब नेता अपनी सुरक्षा के प्रति चिंतित रहते थे। इन सबके विपरीत अटल बिहारी बाजपेयी जी ने हिंसा की चपेट में आये टैक्सी चालकों को जलाने के लिए उपद्रवी हिंसक भीड़ से कहा था कि पहले मुझे जलाओं। यह कर्म दर्शाता है कि पार्टी का सिखों के प्रति कितना लगाव है। 
 
 
 
 
सिख समागम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि भारत में सिख पंथ व गुरूनानक देव से गुरू गोबिन्द सिंह जी तक का स्वर्णिम इतिहास रहा है। सिख पंथ का इतिहास भारत को सदैव शक्ति देता रहेगा। गुरू तेग बहादुर सिंह जी ने अपना बलिदान देकर कश्मीर की रक्षा करते हुए देश व धर्म की रक्षा के लिए अपने पुत्रों का बलिदान दिया परन्तु कभी हार नहीं मानी, ही साहस कमजोर पड़ा। उन्होंने कहा कि सिख गुरूओ ने देश व धर्म के लिए बलिदान तक दे दिया। उन्होंने आगे कहा कि आज भी सिख समाज की गौरवशाली परम्परा के वारिस आज भी देश के लिए बलिदान व संस्कृति के लिए बलिदान देने में सबसे आगे  रहते है। उन्होंने कहा कि गुरूनानक जी के गुरूवाणी में राम नाम का जिक्र ही साबित करता है कि हमारा रिश्ता अटूट है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की भी यही परम्परा रही है कि वह अपने सहयोग करने वालों के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहे। उन्होंने कहा हिन्दुओं व सिखों में कोई भेद नही है, जो फूट डालने का काम करते है वे गुरूओं की परम्परा का अपमान ही करते है
 
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में मैं सिख परिवार के पास कभी वोट नहीं मांगने गया, क्योकि सिख समाज ने स्वयं एक कदम आगे बढ़कर मेरे लिए वोट मांगा है। उन्होंने कहा कि आज भी सिख समाज किसी राजनीतिक दल को अपना मानता है तो वह सिर्फ भाजपा ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू नानक साहब के 550वें प्रकाशोत्सव को प्रदेश में बहुत ही भव्यता से मनाया जाएगा तथा गुरू गोबिन्द सिंह जी एवं गुरू तेग बहादुर सिंह के नाम पर किसी बड़ी संस्था का नामकरण किया जाएगा तथा आगे कहा कि 2014 में जिस तरह मोदी जी को केन्द्र में पहुचाया है उसी तरह 2019 में भी मोदी जी को दोबारा पहुॅचाकर भारत के विकास में आगे बढाने का काम करना होगा। 
 
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा व राष्ट्र सुरक्षा कवच के रूप में गुरू नानक देव जी, गुरूगोबिन्द सिंह के आदर्श उदाहरण देश के समक्ष है। उसका वर्णन करना सूरज को दीपक दिखाने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे गुरूओं के चरणों की धूल माथे पर लगाने को मिल जाय तो सौभाग्य की बात हैं केन्द्र व प्रदेश दोनो ही सरकार बनाने व कमल के फूल को खिलाने में सिखों की विशेष भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भी यह मानते है कि सिख सदैव भाजपा को जिताने का काम करता है। 
 
 
 
 
 
उन्होंने कहा कि जिस तरह दूध में चीनी डालने के बाद उसे अलग नही किया जा सकता उसी तरह भाजपा व सिख समाज का रिश्ता हैं उन्होंने कहा देश में जो एक लहर बनी हुई है। उससे विपक्षी दल घबराये हुए है। ये गठबंधन-महागठबंधन सिर्फ एनडीए को रोकने के लिए कर रहे। विपक्षी दल यह जानते है कि देश में पांच सालो में आदरणीय मोदी ने देश की दशा व दिशा सुधारने में ज्यादा काम किया और अब कहीं 2019 में पांच साल और मोदी आ गए तो जनता सपा-बसपा-कांग्रेस की दुकान हमेशा के लिए बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा-कांग्रेस ने देश में गरीबों किसानों का जितना नुकासन करना था कर लिया। अब जनता देश व प्रदेश में सिर्फ नरेन्द्र मोदी व भारतीय जनता पार्टी को देखना चाहती है क्योकि जनता को यह विश्वास है कि कोई गरीबी, बीमारी, भ्रष्टाचार व अपराध मुक्त इस प्रदेश व देश को का सकता है वह सिर्फ एक मात्र भारतीय जनता पार्टी ही है। 
 
उन्होंने कहा कि गुण्डों की गुण्डागर्दी रोकने के लिए, भ्रष्टाचार के खेल को खत्म करने के लिए देश में भाजपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में व प्रदेश में 73 सांसद देकर जनता ने विपक्षी दलों को संदेश दिया है। कि एक मात्र पार्टी भाजपा ही उनके सभी हितों की रक्षा कर सकती है। उन्होने कहा कि आज इसी विश्वास पर खरे उतरते हुए केन्द्र की मोदी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चला रही है। तो वहीं प्रदेश में अपराधियो, गुण्डों की कमर तोडने का काम योगी जी के नेतृत्व में यूपी की भाजपा सरकार कर रही है। आज जनता के इस प्रचण्ड जनसमर्थन के कारण ही विपक्षी दलों में बैचेनी है जो कि 2019 में सभी को एक साथ आने में मजबूर कर रही ताकि वे किसी भी तरह 2019 में मोदी जी को न आने दे जिससे दलों क परिवारवाद वाली राजनीति, भ्रष्टाचार में डूबी सरकार, जमीनों पर कब्जाने वाली पार्टी के कार्यकर्ता दोबारा से जनता व देश को बर्बाद करने की दुकान खोल सके। 
 
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि दुनिया में किसी भी कोने में चले जाओं और साफा दिख जाये तो लोग यह मान लेते है कि भारत मां का लाल यहां मौजूद हैं, चिंता की कोई जरूरत नहीं है। सिख समाज के बीच आने पर हमेशा गौरव की अनुभूति होती है, लगता है राष्ट्रीय चेतना का संचार हो गया हैं
 
उन्होने कहा कि 1984 दंगो के दोषी आज भी खुलेआम घूम रहे है। ऐसे लोगों को दण्ड किसी हथियार से नहीं दिया जा सकता इनका दण्ड यही है कि दोबारा कभी सत्ता में वापस न आ सके। आपका मत उन्हें सत्ता से दूर रखे । डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि लखनऊ का सम्बन्ध सिख समाज के गुरूओं से रहा है। उन्होंने कहा सिख समाज की एकता व्यवसाय तक ही सीमित नही बल्कि, राजनीतिक दिशा दशा को परिवर्तित करने की रखती है। 
 
उन्होने कहा कि सिख समाज का राजनीति में भरपूर प्रतिनिधित्व हो सके इसलिए अल्पसंख्यक आयोग में भी सिख समाज के व्यक्ति को रखा गया है ताकि हर क्षेत्र में सिख समाज का प्रतिनिधित्व हो। सिख समाज ने सभी को पगड़ी बांधी व तलवार भेंट की। 

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