फर्रुखाबाद- करवाचौथ का इंतजार हर सुहागिनों को ब्रेसबी से होता है - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Saturday, 27 October 2018

फर्रुखाबाद- करवाचौथ का इंतजार हर सुहागिनों को ब्रेसबी से होता है

रिपोर्ट - पुनीत मिश्रा 


करवाचौथ का इंतजार हर सुहागिनों को ब्रेसबी से होता है। दिनभर अन्न-जल त्याग कर जब रात को पत्नियाँ सज-सँवरकर, हाथों में पूजा की थाली लिए छलनी से चाँद को निहार कर अपने पति के हाथों से पानी पीती हैं तो न केवल पत्नियों को उनके व्रत का प्रतिसाद मिलता है |



करवाचौथ को लेकर नगर के बाजारों में रौनक छाने लगी है। बाजारों में पर्व की खरीददारी को उमड़ी महिलाओं की भीड़ देख दुकानदारों के चेहरे खिले रहे। वही सुहागिने अभी से अपने को सबारने और सजाने में लग गयी है| जिसके चलते व्यूटी पार्लर भी भीड़ से घीरे दिखे| दीवाली से 12 दिन पूर्व के प्रमुख त्योहार करवाचौथ की धूम छा गई है। बाजार पूजन सामग्री से सज गए है। नवेलियां पहले चौथ को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियों में जुटी है। किसी ने मनपसंद उपहार खरीद को प्लान बनाया तो कई जोड़े सरप्राइज से पर्व को यादगार बनाने की तैयारी में है।

इस त्यौहार के चलते बाजार में एक बार फिर से रौनक बढ़ गई है। बाजार में तीन दिन पहले ही जगह-जगह करवा की दुकानों सज गईं। भोलेपुर, फतेहगढ़, चुडी वाली गली, नेहरु रोड, सेठ गली आदि स्थानों पर मार्ग किनारे दुकानें हैं। दुकानों पर मिट्टी निर्मित करुवा, दीपक, कलेंडर आदि सजे हुए थे। सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर सुहागिन महिलाएं अपनी पसंदीदा चूड़ियां, मेहंदी, क्रीम इत्यादि का मोल भाव कर खरीदारी करती नजर आई। यही हाल साड़ी व जेवरात खरीदने को कपड़ा व सर्राफा दुकानों पर महिलाओं की भीड़ का है। ब्यूटी पालरों पर मेकअप लगवाने के लिए महिलाओं की खासी भीड़ हो रही है| करवाचौथ व्रत पर तैयारी के लिए सौन्दर्य ब्यूटी पार्लरों में खासी भीड़ उमड़ रही है। सेठ गली व चूड़ी वाली गली सहित विभिन्न बाजारों और कालोनियों के ब्यूटी पार्लर पर महिलाओं ने एडवांस बुकिंग करा ली है वही इस त्योहार पर मेंहदी का चलन भी खूब है| जिसके चलते बड़ी संखया में महिलायों की भीड़ मेंहंदी आर्ट की दुकानों पर दिखी| 
 
 
पर्व का मुख्य पूजन करवा से ही होता है। यह करवा शादी के बाद महिलाओ को मायके से दिया जाता है। शादी के पहले करवाचौथ पर करवा मिलने का महिलाओं को विशेष प्रतीक्षा रहती है। इसके बाद चूकने पर तीसरी, पांचवी व सातवीं साल पर करवा दिए जाने की परंपरा है। जिन महिलाओं को मायके से करवा नहीं मिल पाता वे बाजार से माटी का करवा खरीदकर पर्व मनाती। बाजार में माटी का करवा 21 रुपये से 51 रुपये में मिल रहा है। सराफा बाजार में चांदी का करवा भी आया है। 100 से 500 ग्राम तक का चांदी का करवा बाजार में मौजूद है। सर्राफा व्यवसायी मानू सर्राफ ने बताया कि चांदी के करवा की कीमत 4500 से 21 हजार रुपये रखी गई है।

महिलाओं ने करवाचौथ पूजन के लिए बाजार से पसारी के चूरा, माटी करवा, कुश की सींक, खील बताशा तथा पूजन के पोस्टर की खरीद की। इस दौरान बाजार में खूब भीड़ रही।

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।