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Tuesday, 13 November 2018

कानपुर - मिस्ट्री और थ्रिलर से भरपूर होगा यह काल भैरव रहस्य 2

ब्यूरो कानपुर -  रवि गुप्ता
मिस्ट्री और थ्रिलर को लेकर एक नए कलेवर में काल भैरव रहस्य 2 का सीजन दर्शकों से रूबरू होने जा रहा है। यह कहानी मिस्त्री और थ्रिलर से भरपूर है । एक ऐसा कनकगढ़ का शाही परिवार जो 150 वर्षों से एक बुरे अभिशाप से ग्रस्त है जिसमें हर पुरुष की उसके 30 वें जन्मदिन से पहले मौत हो जाती है। मिथक और रहस्य से जुड़ी यह अभूतपूर्व कहानी दर्शकों को चौकाने का वादा करता है। यह सीरियल स्टार भारत पर 20 नवम्बर से शाम 7 बजे से दर्शकों के बीच होगा।

मौत के खौफ में जीने वाले व्यक्ति को कैसा महसूस होता है-

काल भैरव रहस्य 2 में लीड रोल प्ले कर रहे मशहूर मॉडल और अभिनेता गौतम रोडे से खास बात की जो इस काल भैरव रहस्य 2 में वीरवर्धन का किरदार निभा रहे हैं और उसी परिवार का हिस्सा है जो श्रापित है।
गौतम ने बताया कि मैं इस शो में एक शाही फैमिली से बिलांग करता है इस शाही फैमिली के ऊपर 150 वर्ष पुराना श्राप है कि हमारे कोई भी परिवार का वंशज 30 साल से ऊपर जी नहीं पायेगा बताया कि हमारे पर पर पर दादा ने किसी महिला के साथ कुछ गलत किया होगा काल भैरव मंदिर में जहां मरने से पहले उस महिला ने श्राप दिया था तभी से यह परिवार के ऊपर श्राप लग गया कि 30 वर्ष से ज्यादा इस परिवार के वंशज नही जी पाएंगे इससे पहले हमारे वंशज यानी दादा जी ,पिता जी 30 वर्ष में ही गुजर चुके है और मैं 29 वर्ष का हो गया हूँ यानी मेरे पास एक साल बचा है लेकिन इसमें क्योंकि मेने कुछ गलत नही किया है इसलिए मैं क्यों मरूंगा यही मिस्ट्री है कि इस थींम में कि यह सब भगवान के श्राप की वजह से हो रहा है या कोई इंसान भगवान का नाम लेकर परिवार को मार रहा है ये एक अनोखी कहानी है वीरवर्धन के किरदार ने मेरे अंदर उत्सुकता जगाई है कि मौत के खौफ में जीने वाले व्यक्ति को कैसा महसुस होता होगा। यह कहानी जो दर्शकों को चौकायेगी और काफी पसंद आएगी। यह स्टोरी बहुत थ्रिलर से भरपूर है काफी अलग है लोगो से बच जाएंगे तो भगवान से कैसे बचेंगे तब ज्यादा इंटरेस्टिंग बन जाता है बहुत प्रोग्रेसिव है यह कहानी अंधविश्वास को काटेगी। दर्शकों को हर सीन देखने मे मजा आएगा और अगले सीन का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा।

घर से 4 हज़ार रुपये लेकर पहुंचे थे मुंबई

20 वर्ष पहले जेब मे घर से 4 हज़ार रुपये लेकर चला था मुम्बई पहुँचा तो मुझे कोई नही जानता था कोई किसी से सम्पर्क नही था अब तो चीज़े काफी बदल गयी है हम लोग कर सकते थे तो ये भी कर सकते है हां टाइम जरूर लगता है कोई भी काम को लेकर इसलिए हार्डवर्क करते रहिए और पेशन्स रखिये इन दो चीज़ों को लेकर चलेंगे तो कभी निराश नहीं होंगे।

कानपुर से है गहरा नाता 

इस शहर में गौतम का बचपन कानपुर की गलियों में बीता है हर साल छुट्टियों पर आते है यहां उनकी मां के कज़िन गुमटी नम्बर 5 पर रहते है बिट्टू भाई है उनकी बाइक पर शहर घुमा करते थे। यहां के लेदर शूज़ बहुत पसंद है। गौतम को घर का खाना ज्यादा पसंद है।

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