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Thursday, 29 November 2018

जब तहकीकात की टीम ने प्राथमिक विद्यालय में जाकर देखा तो नजारा कुछ यूँ मिला


रिपोेर्ट -मोवीन मन्सुरी

आजकल के दौर पर बच्चों पर पढ़ाई का भार बहुत ज्यादा बढ़ गया है, आजकल के बढ़ते हुए कंपटीशन के दौर में हर पेरेंट्स यही चाहते हैं कि उनका बच्चा हर क्षेत्र में अच्छा हो जिससे आगे उसके भविष्य में उसको किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़ा। खैर पेरेंट्स की तरफ से सोचें तो वो ये सब अपने बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए करते हैं लेकिन उनकी इन इच्छाओं के सामने आज के बच्चों का बचपन छिनता जा रहा है।

 
 अगर बच्चों के भारी भरकम स्कूल बैग की करें तो ये सवाल काफी लंबे समय से उठता आया है कि क्या बच्चों को इतने भारी बैग को लेकर स्कूल जाना उनकी सेहत के लिए हानिकारक नहीं हैं, लेकिन ये बात हमेशा उठती थी और एक कोने में पड़ी रह जाती थी क्योंकि कोई भी उस ढर्रे को बदलने की कोशिश नहीं कर रहा था, लेकिन अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बच्चों को इस भार से मुक्ति दिलाने का इरादा बना लिया है।बता दें कि इतने भारी बैग का भार उठाने का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा था, जिससे बच्चों की कमर पर बुरा असर पड़ रहा था।  बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए नियम बनाए हैं और स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है।

जब तहकीकात की टीम ने प्राथमिक विद्यालय में जाकर इसका जायजा लिया और टीचर और पैरेंट्स से बात की तो उन्होंने सरकार के इस फैसले को बहुत अच्छा बताया और कहा अब हमारे बच्चो पर अतरिक्त भार नही पड़ेगा ।

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