गायत्री प्रोजेक्ट लिमटेड की गुंडेगर्दी बिना मुआबजा दिए किसान की जमीन पर बनाया जबरजस्ती सड़क - तहकीकात न्यूज़

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Saturday, 3 November 2018

गायत्री प्रोजेक्ट लिमटेड की गुंडेगर्दी बिना मुआबजा दिए किसान की जमीन पर बनाया जबरजस्ती सड़क


रीतू श्रीवास्तव-तहकीकात न्यूज प्रभारी सुल्तानपुर

लंभुआ सुलतानपुर।फोरलेन में अधिग्रहण किये गये मकान की बिना मुआवजे दिये कार्यदायी संस्था द्वारा बीती रात मकान ढहा कर सडक बना ली गई।पता चलते ही पीडित ने कार्यदायी संस्था के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए एसडीएम लम्भुआ को पत्र दिया है,एसडीएम डॉ रमेश कुमार शुक्ला ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए फोरलेन की कार्यदायी संस्था के कर्मचारी व लेखपाल को तत्काल तलब किया।लेखपाल द्वारा बिना मुआबजा दिए किसान के मकान को गिराकर जबरजस्ती सड़क बना लेने पर नाराजगी जाहिर की और शीघ्र ही बाउचर बना कर भुगतान करने के निर्देश दिया।यह मामला तहसील क्षेत्र के रामगढ़ निवासी मानिकचंद बरनवाल का है,मानिकचंद बरनवाल नरहरपुर में एक किता मकान गाटा संख्या 320 बैनामा लिया था,जो फोरलेन के चौड़ीकरण में आ गया था,तब से लगातार किसान तहसील और फोरलेन ऑफिस का चक्कर लगाता रहा लेकिन भुगतान अभी तक नहीं हो सका,शुक्रवार की रात कार्यदायी संस्था गायत्री प्रोजेक्ट्स द्वारा उक्त मकान को ढहा कर सड़क निर्माण कर लिया गया,पीड़ित को पता चलते ही आनन-फानन में एसडीएम को एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्यदायी संस्था के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने की मांग की है।
 
गायत्री प्रोजेक्ट और सरकार कर रही है किसानो को परेसान-सूत्रों से पता चला है कि गायत्री प्रोजेक्ट लिमटेड और सरकार द्वारा अधिग्रहण की गई किसानों की जमीनों में बहुत से ऐसे किसान है जिनको अभी तक मुआबजे की रकम नही मिल सकी है,लेकिन कार्यदायी संस्था और सरकार ने उन्हें न जोतने बोने के लिए लगभग 2 साल पहले ही नोटिस दे दी गई है अब उनके जमीन में संस्था गाड़ी दौड़ा रही है
 
किसान की परेसानी या अनहोनी की कौन होगा जिम्मेदार-किसान जिसके पास खेती के लिए सिर्फ उतनी ही जमीन है जितनी फोरलेन बाईपास सड़क में गई है,अब दो साल से न जोत पा रहे है ना बो पा रहे है,गरीब किसान और उनके बच्चे खाने बिना परेसान है,लेकिन किसान ने बो पा रहा है और न ही उसे मुआवजा मिल पा रहा है आखिर परेसान किसान क्या करे खाने बिना मरे या आत्महत्या करें जिम्मेदार कौन है।

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