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Wednesday, 28 November 2018

कानपुर -महा कुम्भ के पहले बन्द किया गया शहर का सबसे पुराना सीसामऊ नाला टैप का कार्य हुआ पूरा- नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण



ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
 
महाकुंभ के दौरान गंगा स्वच्छ व निर्मल हो सके इसके लिए शहर का ऐतिहासिक लगभग 130 वर्ष पुराना सीसामऊ नाला के टैपिंग का कार्य कर अधिकारियों द्वारा बन्द कराया गया। बुद्धवार को सीसामऊ नाले का निरीक्षण करने के लिये नगर आयुक्त पहुंचे और यहां के कार्य से संतुष्ट दिखाई दिए। 
 
आपको बता दें कि कानपुर में 16
 
नाले जो गंगा में सीधे गिरते है जिनमे 8 नालों की टेपिंग की जा चुकी हैं बाकी बचे नालों की भी टेपिंग का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। नगर आयुक्त सन्तोष कुमार शर्मा ने निरीक्षण के दौरान बताया कि शहर के सभी नालों का निरीक्षण किया जा चुका है 8 नाले गंगा में जाने से पूरी तरह रोक लिए गए है जबकि अन्य नालों को 15 दिसम्बर तक टैप कर दिया जाएगा या इस दूषित पानी को ट्रीट किया जाएगा। ताकि महाकुंभ में श्रद्धालुओं को गंगा का पानी शुद्ध व निर्मल मिल सके।
 
 
उन्होंने बताया कि शहर का विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नाला सीसामऊ नाले को टेपिंग करने का कार्य पूरा तो कर लिया गया है लेकिन अभी इस कार्य की मॉनिटरिंग लगातार की जाएगी ताकि कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उसे तत्काल दुरुस्त किया जा सके। अगर कोई नाला रह जाता है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी कि उसका गंदा पानी गंगा में न जाकर उस दूषित पानी को बायो रेमिडीएशन के माध्यम से ट्रीट करते हुए भेजा जाएगा। नमामि गंगे के प्रोजेक्ट इंचार्ज घनश्याम तिवारी ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोजेक्ट बनाकर प्रयास किया गया और दो भागों में इसे मोड़ा गया। इस नाले से निकलने वाले 140 एमएलडी गंदे पानी में से 80 एमएलडी बिनगवां और 70 एमएलडी पानी जाजमऊ ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जा रहा है। यह 9 किलोमीटर तक का सीवर लाइन है जिसे एसटीपी किया जा रहा है
 
 
गंगा सफाई में काफी ज्यादा फर्क पड़ेगा क्योंकि इस नाले से जितनी गंदगी गंगा में जा रही थी जिससे गंगा दूषित हो रही थी उसको रोकने में सफलता हासिल की है।

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