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Sunday, 16 December 2018

कानपुर - विजय दिवस पर पूर्व सैनिकों के पराक्रम को किया गया याद

ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता


इंडियन एक्स सर्विस लीग द्वारा आयोजित विजय दिवस समारोह का आयोजन जेके कालोनी स्थित सेंटर ग्राउंड पर किया गया इस समारोह में 1962, 1965 और 1971 की लड़ाई में शहीद हुए जवानों को याद करते हुए जहां उनकी विधवाओं को सम्मानित किया गया वहीँ उस लड़ाई के चश्मदीद गवाहों के रूप में मौजूद सैनिकों को भी प्रमाण पत्र देकर उनकी सेवाओ की सराहना की गई।
 
 
पूर्व सैनिकों को आई जंग के मैदानों की याद

 


जेके कालोनी के सेंटर ग्राउंड में हुए इस भव्य समारोह में कमिश्नर सुभाष चन्द्र शर्मा , मेजर जनरल जे एस लोटे और एयर कमडोर डीबी मुरली ,ब्रिगेडियर एस इतनाल, ग्रुप कैप्टन एस सापरा ने देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले जवानों को याद किया और पूर्व सैनिकों को याद करने के साथ ही कहा कि देश का आवाम जिस वक्त आराम से सो रही होती है या फिर दीपावली,होली पर अपनी खुशियां बिखेरती है और ईद व बकरीद पर एक दूसरे को गले मिलकर त्योहार की खुशियां साझा कर रही होती है 

 
 
तब देश की सीमाओं पर वही जवान रात और दिन पूरी मुस्तैदी के साथ खड़े होकर उनकी रक्षा कर रहे होते है हमे यह नही भूलना चाहिए कि उन्ही जवानों की खुली आँखों के चलते हम अपने जीवन मे खुशियां बटोर पाते है अगर उन जवानों की आंखे झपक भी जाये तो दुश्मन पलके झपकते ही हमारे देश पर कब्जा कर लेंगे हमारी खुशियां काफूर हो जाएंगी । ऐसे देश प्रेम और देश के लिए कुर्बान हुए सैनिकों के जज़्बे को सलाम करते है।विजय दिवस के अवसर पर प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया कि पूर्व में हुई लड़ाइयों में और आज की लड़ाइयों में जमीन आसमान का अंतर है पहले की लड़ाइयां लड़ने के लिये सैनिकों को खुद ही अपनी व्यवस्थाएं देखनी होती थी और सुविधाएं भी उपलब्ध नही थी
 
 
लेकिन सैनिक अपने दिल में राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाकर दुश्मन से भिड़ जाता था और वंदे मातरम के उद्घोष के साथ ही सामने खड़े दुश्मन के छक्के छुड़ा देता था। साथ ही उन लड़ाइयों के बारे में भी बताया गया। इस विजय दिवस के अवसर पर शहीदों की विधवाओं को जिस समय सम्मानित किया जा रहा था उस समय सभी की आंखों में नमी आ गयी थी और उन्हें अपना गुजरा समय याद आ गया। रिटायर्ड फ्लाइंग ऑफिसर राजिंदर सिंह जिन्होंने 1956 से लेकर 1993 तक देश की सेवा में तल्लीन रहे उन्होंने बताया कि 1962,65 और 71 की लड़ाइयां लड़ी उस वक्त और आज के समय में जमीन आसमान का फर्क आ गया है।
 
आज तकनीकी संसाधन बढ़ गए है जिससे कई शक्तियां सेना में आ गयी है उस वक्त लड़ाई के लिए इतनी सुविधाएं नही थी यह विजय दिवस पूर्व सैनिकों का मोरल बढ़ाने के लिए है ये हमारे लिए बहुत ही गौरवांवित पल है कि हम देश के लिए लड़ सके। रिटायर्ड ऑफिसर फ्लाइंग ऑफिसर राजनाथ राय ने राष्ट्रप्रेम को याद करते हुए देश भक्ति गीत गाये हम सभी भूतपूर्व है लेकिन हम सभी मे आज भी कहीं न कहीं वही जोश है वीर योद्धाओं के लिए गीत भी गाया यह हमारे लिए बहुत ही गौरवांवित पल है। आज यहां लगभग 200 पूर्व सैनिकों व वृद्ध नारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर मेजर योगेंद्र कटियार , संजय दुबे समेत तमाम एक्स सर्विस मैन मौजूद रहे।

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