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Friday, 25 January 2019

कानपुर देहात- जमीनी विवाद में गयी थी पुलिस, फिर कुछ ऐसा हुआ कि महिला ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप

जिला सवांददाता- अरविन्द शर्मा
 
 
कंचौसी क्षेत्र के ख़ितारी गांव में उस समय अफरा तफरी मच गई। जब एक जमीनी विवाद में मारपीट की सूचना पर पहुंची कंचौसी चौकी पुलिस व ग्रामीणों में विवाद हो गया। दरअसल थाना क्षेत्र के खितारी गांव में जमीनी विवाद की शिकायत एक पक्ष की महिला द्वारा की गई थी। इसी को लेकर पुलिस जांच करने गयी थी। इस बीच पुलिस व ग्रामीणों में काफी जददोजहद हुई। वहीं पुलिस पर खितारी गांव के लोगो ने महिला के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। पीड़ित परिजनों के अनुसार महिला सिपाही न होने के बावजूद महिला के साथ मारपीट की गयी। घटना की जानकारी होने पर घटना स्थल पर पहुंचे मंगलपुर थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों को किसी तरह शान्त कराया। इसके बाद घायल महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झींझक भर्ती कराया गया। ख़ितारी गांव में दो पक्षों के जमीनी विवाद की जांच कराने गयी पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया। दरअसल थाना मंगलपुर क्षेत्र के खितारी गांव निवासी रामकुमार पुत्र रामचंद्र का जमीन के विवाद को लेकर गांव की ही लीलावती पत्नी स्व चंद्रका प्रसाद के बीच  विवाद चलता था। जिसको लेकर लीलावती ने पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। इस पर घटनास्थल पर पहुंचे चौकी इंचार्ज कंचौसी अनिल कुमार भदौरिया व एक सिपाही ने रामकुमार की विवादित जमीन पर रखी घास फूंस की झोपड़ी हटवा दी। जिसका विरोध रामकुमार की पत्नी सुनीता ने किया।
 
 
 

सुनीता का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने गाली गलौच करते हुए उसकी जमकर पिटाई कर दी। जिससे सुनीता घटना स्थल पर ही बेहोश होकर गिर गयी। पुलिस का यह तांडव देख ग्रामीणों ने उक्त दोनों पुलिस कर्मियों का घेराव कर डायल 100  व प्रभारी निरीक्षक थाना मंगलपुर को घटना की सूचना दी। सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक थाना मंगलपुर तुलसीराम पाण्डेय ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जैसे तैसे शांत कराया। वहीं बेहोश पड़ी महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झींझक के लिए भेजा। प्रभारी निरीक्षक थाना मंगलपुर तुलसीराम पाण्डेय ने बताया कि मामला जमीनी विवाद का था, जिसमें चौकी इंचार्ज ने रामकुमार की झोपड़ी हटाई है। फिलहाल महिला द्वारा लगाया गया आरोप गलत है।

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