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Monday, 28 January 2019

अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण के लिए मांग कर रहे साधु-संत आज कुंभ मेले में परम धर्म संसद का आयोजन ...

         फोटो गूगल स्रोत


अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण के लिए मांग कर रहे साधु-संत आज से अगले तीन तक प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में परम धर्म संसद का आयोजन कर रहे हैं. यह परम धर्म संसद शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से किया जा रहा है. साधु और संतों ने इस संबंध में बड़ा ऐलान भी किया हुआ है. उनका कहना है कि राम मंदिर सविनय अवज्ञा आंदोलन के जरिये बनाया जाएगा.

प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में इस समय साधु और संतों का जमावड़ा लगा हुआ है. यहां विश्‍व हिंदू परिषद (विहिप) की धर्म संसद से पहले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती परम धर्म संसद का आयोजन कर रहे हैं. यह परम धर्म संसद कुंभ में 28, 29 और 30 जनवरी तक चलेगी. इसमें राम मंदिर निर्माण के लिए चर्चा और रणनीति बनेगी इस परम धर्म संसद के बाद शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के नेतृत्व में बड़ी संख्‍या में साधु और संत अयोध्या कूच करेंगे. परम धर्म संसद में सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत होगी. शंकराचार्य सविनय अवज्ञा आंदोलन के माध्यम से राम मंदिर शिलान्यास के लिए निकलेंगे. इस परम घर्म संसद में 1008 प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. इसमें सभी 4 पीठों के प्रतिनिधि, कई देशों के प्रतिनिधि, 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि, 7 पुरियों के प्रतिनिधि, 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिनिधि, सभी संसदीय क्षेत्र से एक-एक प्रतिनिधि इस परम घर्म संसद में रहेंगे.
अयोध्या में जमीन विवाद को जानिए 

अयोध्या में जमीन विवाद बरसों से चला आ रहा है, अयोध्या विवाद हिंदू मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव का बड़ा मुद्दा रहा है. अयोध्या की विवादित जमीन पर राम मंदिर होने की मान्यता है. मान्यता है कि विवादित जमीन पर ही भगवान राम का जन्म हुआ. हिंदुओं का दावा है कि राम मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई.दावा है कि 1530 में बाबर के सेनापति मीर बाकी ने मंदिर गिराकर मस्जिद बनवाई थी. 90 के दशक में राम मंदिर के मुद्दे पर देश का राजनीतिक माहौल गर्मा गया था. अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों ने विवादित ढांचा गिरा दिया था.

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