अंतर्राष्ट्रीय सीमा का मुख्य उद्देश्य व्यापार साझेदारी के महत्व को रेखांकित करना - सत्यदेव पचौरी - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

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Saturday, 26 January 2019

अंतर्राष्ट्रीय सीमा का मुख्य उद्देश्य व्यापार साझेदारी के महत्व को रेखांकित करना - सत्यदेव पचौरी

अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस-2019 का विषय सहज व्यापार, यात्रा और परिवहन के लिए स्मार्ट बॉर्डर है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य व्यापार साझेदारी के महत्व को रेखांकित करना तथा समान प्रकार के मानकों को पूरे विश्व में लागू करना है। इस वर्ष स्मार्ट बॉर्डर की संकल्पना पर बल दिया गया है। स्मार्ट बॉर्डर की संकल्पना एक ऐसी व्यवस्था के रूप में की गई है जो अपने भीतर सुरक्षा, शीघ्रता और सुगमता को सम्मिलित करती है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सत्यदेव पचौरी, मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग उत्तर प्रदेश सरकार उपस्थित रहे। अपने अध्यक्षीय भाषण में मंत्री महोदय ने देश में सीमा शुल्क के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के साथ साथ सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण माना। अपने वक्तव्य में विभाग के सभी अधिकारियों से और अधिक दृढ़ता और उत्कृष्टता से देश हित में कार्य करने का आह्वान किया।
 
वेद प्रकाश शुक्ला, आयुक्त, सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय, लखनऊ ने अपने स्वागत भाषण में मंत्री महोदय को सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय( उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) लखनऊ द्वारा किए जा रहे कार्यों की संक्षिप्त जानकारी देते हुए आयुक्तालय के भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निवारक एवं व्यापार के सुगमीकरण के बीच एक संतुलन बनाने के लिए तकनीकी साधनों तथा नवाचारो के कुशल प्रयोग के लिए प्रेरित किया। मंत्री महोदय का स्वागत करते हुए शुक्ला ने उन्हें विश्वास दिलाया कि विभाग अपनी पूर्ण क्षमता के साथ देश के सेवार्थ कार्य करने में अग्रसर रहेगा।पदमश्री सुश्री परवीन तलहा पूर्व मुख्य आयुक्त, सीमा शुल्क एवं सदस्य लोक सेवा आयोग ने अपने वक्तव्य में बताया कि देश की आर्थिक प्रगति के साथ साथ देश की सुरक्षा में भी सीमा शुल्क विभाग का अहम योगदान है।

वस्तु एवं सेवा कर विभाग के मुख्य आयुक्त राजीव टंडन ने भी इस अवसर पर विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए बताया कि आज के परिपेक्ष में सीमा शुल्क विभाग की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं अतः सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़ी सजगता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।इस अवसर पर ट्रेड के प्रतिनिधियों- गेल इंडिया लिमिटेड, लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, आर०ए०एस० पोल्टीक्स लिमिटेड, लोहिया कारपोरेशन, मिर्जा इंटरनेशनल और ए०एफ०पी०एल० लिमिटेड को भी सम्मानित किया गया।

सीमा शुल्क आयुक्त वेद प्रकाश शुक्ला के कुशल नेतृत्व में सीमा शुल्क आयुक्तालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड से लगने वाली नेपाल सीमा पर ना केवल तस्करी की रोकथाम में लगा हुआ है बल्कि मित्र राष्ट्र नेपाल को होने वाले आजाद एवं निर्यात को भी नियंत्रित करता है। सीमा शुल्क (निवारक) लखनऊ आयुक्तालय का क्षेत्राधिकार संपूर्ण उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड तक विस्तृत है। इसके अलावा 14 लैंड कस्टमस स्टेशन, दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पांच इनलैंड कंटेनर डिपो, 147 कस्टम्स प्रीवेंटिव यूनिट कार्य करती हैं जिनके माध्यम से संपूर्ण कार्य संचालित किया जाता है।
 
तस्करी के रोकथाम के क्रम में सीमा शुल्क आयुक्तालय, लखनऊ ने विगत कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इस वित्तीय वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग डेढ़ सौ प्रतिशत से अधिक मूल्य की निवारक कार्यवाही संपन्न की। इसके अंतर्गत अवैध रूप से लाई गई सुपाड़ी, सोना, कॉस्मेटिक, सिगरेट आदि को जब्त किया गया। विभिन्न निवारक कार्यवाही हो में पिछले 3 माह में ही 11 तस्करों की गिरफ्तारियां के माध्यम से वेद प्रताप शुक्ला, आयुक्त ने तस्करों के प्रति किसी भी प्रकार की रियायत ना बरतने के संकेत दे दिए हैं।

इसी वर्ष लखनऊ आयुक्तालय द्वारा नारकोटिक्स की अभूतपूर्व कार्यवाही की गई। सीमा शुल्क निवारक लखनऊ आयुक्तालय द्वारा अब तक की गई सबसे बड़ी कार्यवाही में 71 किलोग्राम अफीम की खेप को जप्त करने के साथ ही दो तस्करों को भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पूरी सिंडिकेट को पकड़ने के उद्देश्य से विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आयुक्त वेद प्रताप शुक्ला ने इस संबंध में कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। एयरपोर्ट्स पर भी विगत दिनों में निवारक कार्यवाहीयों में तेजी देखी गई है। सोने और सिगरेट की तस्करी को रोकने में विशेष सफलता देखने को मिली है। एयरपोर्ट्स और विभिन्न निवारक समूह द्वारा अवैध रूप से लाई गई कॉस्मेटिक, दवाई, काली मिर्च आदि को भी भारी मात्रा में जप्त किया गया।कार्यक्रम का द्वितीय सत्र सांस्कृतिक कार्यक्रमों से परिपूर्ण रहा। इसमें मशहूर सायरा शबीना अदीब और देश विख्यात कवि मुकेश श्रीवास्तव द्वारा कविता पाठ किया गया। भातखंडे की कलाकार जया द्वारा कथक नृत्य की प्रस्तुति कार्यक्रम का एक अतिरिक्त आकर्षण रही। विभिन्न विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति दी गई।

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