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Thursday, 24 January 2019

प्रयागराज - आस्था के बहाने बजट सिर्फ बन्दरबांट और लूट का सबब बनकर रह गया - अंशू अवस्थी

महेंद्र मिश्रा ब्यूरो उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में आयोजित कुम्भ में की गयी तैयारियों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार और गुणवत्ता सहित सुरक्षात्मक पहलुओं की अनदेखी हुई है लेकिन सरकार और प्रशासन स्तर पर कोई कार्यवाही न किया जाना स्पष्ट तौर से दर्शाता है कि सरकार विश्वविख्यात कुम्भ मेला और श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर दिखावा कर रही है।



प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने आज जारी बयान में कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ सभी कार्यों में ई टेण्डर की बात और दावा कर रहे हैं दूसरी तरफ कुम्भ में बिना टेण्डर के सैंकड़ों करोड़ के कार्य आवंटित कर दिये गये जो आस्था के बहाने बजट सिर्फ बन्दरबांट और लूट का सबब बनकर रह गया है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने फिजूलखर्ची को लेकर बड़े-बड़े दावे किये थे लेकिन कुम्भ में भ्रष्टाचार और लूट की बन्दरबांट के चलते अधिकारियेां और अभियन्ताओं में सिर फुटव्वल चरम पर है जो कि एक दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत के रूप में सामने आ रही है। कुम्भ में लकड़ी के साल स्लीपर की सप्लाई में सुरक्षात्मक बिन्दुओं की अनदेखी कर घटिया किस्म की लकड़ी की खरीद की गयी है जो स्थायी पुल बनाने के लिए प्रयोग किये जाते हैं। लोहे की चकर प्लेट की सप्लाई में हेरफेर व ढुलाई में करोड़ों रूपये का घोटाला हुआ अधिकारी और अभियन्ता सरकार की शह पर सच्चाई छिपा रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रश्न यह है कि एक तरफ सरकार कुम्भ की चर्चा का ढिंढोरा तो खूब पीटती है लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा से अनदेखी यह दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी आस्था के नाम पर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है और सरकारी धन में बन्दरबांट कर रही है। आश्चर्यजनक यह है कि सभी भ्रष्टाचार सरकार और अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद व बराबर समाचारपत्रों में भ्रष्टाचार की शिकायतें प्रकाशित होने के बावजूद भी अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है और कुम्भ के नाम पर बहुत बड़ा घोटाला किया जा रहा है एवं बराबर सच्चाई को छिपाया जा रहा है क्यों?
कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि कुम्भ में जो व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार कर सरकारी धन की लूट हुई है इसकी उच्च स्तरीय जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एस.आई.टी. गठित कर करायी जाय ताकि सच सामने आ सके और आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाले भ्रष्टारियों को सजा मिल सके।  

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