महिला शिक्षामित्रों को अपनी मांगो को लेकर अपने सिर तक मुंड़वाने पड़े- कांग्रेस प्रवक्ता जीशान हैदर - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Saturday, 19 January 2019

महिला शिक्षामित्रों को अपनी मांगो को लेकर अपने सिर तक मुंड़वाने पड़े- कांग्रेस प्रवक्ता जीशान हैदर

चीफ रिपोटर UP - चन्द्र मोहन तिवारी

देश की आजादी के बाद पहली बार ऐसा उत्तर प्रदेश में हुआ जब प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षामित्रों को अपनी मांगो को लेकर अपने सिर तक मुंड़वाने पड़े। विगत लगभग दो वर्षों से लगातार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री जहां अपने मानदेय बढ़ाये जाने को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं



योगी सरकार ने अपनी दमनकारी नीति अपनाते हुए शिक्षा मित्रों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं अनुदेशकों पर बर्बर लाठीचार्ज और वाटरकैनन का प्रयोग किया। इतनी सब यातनाएं सहने के बाद भी अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और शिक्षा मित्रों पर सरकार का दिल नहीं पसीजा और नतीजा यह है कि एक बार फिर शिक्षा मित्र अपनी मांगों को लेकर धरना देने और संघर्ष करने को बाध्य हुए हैं।    
 
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता जीशान हैदर ने आज जारी बयान में कहा कि प्रदेश की भाजपा में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि 68,500 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले में जिस तरह से उच्च न्यायालय को न सिर्फ हस्तक्षेप करना पड़ा बल्कि भर्ती प्रक्रिया में जिस प्रकार धांधली और भ्रष्टाचार सामने आया उसको लेकर उच्च न्यायालय को इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश देना पड़ा इससे भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार के भ्रष्टाचार की कलई खुल गयी है।  
 
प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा लगातार पूर्ववर्ती सरकारों पर नौकरियों में धांधली के आरोप लगाती रही है और कहती थी कि सारी भर्तियो में भ्रष्टाचार के चलते न्यायालय को दखल देना पड़ता था और आज उसी भाजपा के लगभग दो वर्ष के शासन में एक तरफ जहां युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है वहीं शिक्षा मित्रों की लगभग 12हजार भर्तियों को निरस्त कर दिया गया। चाहे प्राइमरी शिक्षक की भर्ती हो, चाहे पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी रहे हों, नर्सिंग सहायक, नलकूप सहायक या इंजीनियरों की भर्ती रही हो, सभी भर्तियेां में जमकर धांधली हुई और गंभीर घोटाले उजागर हुए। यही कारण रहा कि आज तक कोई भी भर्ती योगी सरकार करने में सफल नहीं हुई है।   
 
हैदर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर पर विगत 19 मई 2018 को अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। इसके बाद 1 जून 2018 को इटावा में घोषणा की और 23 जुलाई 2018 को पुनः आफिसियल ट्विटर पर मानदेय बढ़ाये जाने की घोषणा की गयी किन्तु अभी तक मानदेय नहीं बढ़ाया गया, जबकि दिल्ली में वर्ष 2017 में ‘अपेक’ की बैठक में अनुदशकों का मानदेय 8400 से बढ़ाकर 17 हजार करने का निर्णय हो चुका है और दो किश्तें भी जारी हो चुकी हैं। 
 
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने विधानसभा में इसके सम्बन्ध में सवाल भी पूछा किन्तु सरकार ने कोई सही ढंग से जवाब नहीं दिया। प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को कमल कप टूर्नामेन्ट प्रदेश के सभी जनपदों में कराने से ज्यादा बेहतर है कि प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में कार्य करे क्योंकि प्रदेश का युवा अब इनके इस तरह के ढकोसलों में आने वाली नहीं है।

No comments:

Post a Comment