कानपुर - उठो जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको नही.राम नाथ कोविंद - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Monday, 25 February 2019

कानपुर - उठो जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको नही.राम नाथ कोविंद

ब्यूरो कानपुर -रवि गुप्ता
 
डीएवी कॉलेज ग्राउंड के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद पहुंचे इस दौरान उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में वे करीब 1 घण्टे तक रहे. वहीं कालेज द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह व उनके शैक्षिक अभिलेख उन्हें भेंट किये गए साथ ही राजनीति के अजातशत्रु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल जी की कविता सुनाकर और राष्ट्रगान गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. आपको बता दें कि  1969 में महाबिद्यालय में कालेज में स्वर्ण जयंती मनाई गयी तब वीवीगिरी राष्ट्रपति थे और यहां आए थे और उस वक्त राम नाथ कोविंद जी छात्र के रूप में यहां उपस्थित थे 
 
 
आज वे इस पद पर रहकर अपने ही कालेज के शताब्दी वर्ष पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हुए  है.वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच को सम्बोधित करते हुए कहा कि डीएवी कालेज के पूर्व छात्र ऐसे पद पर रहकर देश के गौरव को बढ़ा रहे है जहां वे आज अपने दिनों को अनुभव को छात्र छात्राओ को बताकर उन्हें मार्गदर्शन देंगे साथ ही सीएम योगी ने डीएवी कॉलेज के 100 वर्ष पूरे होने पर कॉलेज के स्टाफ और स्वरूप परिवार को बधाई भी दी. वही डीएवी कॉलेज के पूर्व छात्र और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद डीएवी ग्राउंड में कालेज के प्रोफेसरों और स्टूडेंट्स को सम्बोधित करते हुए सबसे पहले पुलवामा में आतंकी घटना में वीर जवानों की शहादत को नमन करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि काफी संख्या में यूपी के कई जवान शहीद हुए जिनमे कानपुर देहात के श्याम बाबू भी थे उनको नमन किया.आज इस कॉलेज के 100 वर्ष हों गये है 
 
उन्होंने अपने दिनों को याद करते हुए बताया कि इस कालेज में हमने बीकॉम किया दयानन्द कालेज एलएलबी की शिक्षा 1965 से 69 तक की विधि की पढ़ाई उस समय इसी परिसर में होती थी सफर इतनी जल्दी बीत गया पता नही चला 4 वर्ष तक इसी हॉस्टल में रहे और यही पास में ही परीक्षा के दिनों में ग्रीनपार्क स्टेडियम है वहा हम ग्राउंड का प्रयोग खेलने में नही बल्कि एकांत अध्ययन के लिए करते थे डीएवी कॉलेज के संस्थापको स्वरूप परिवार ने इसका मार्गदर्शन किया यह बहुत ही गौरव की बात है 100 वर्ष पूरे होने के बाद अब नई पारी की दोबारा शुरुआत है और हमे उम्मीद है कि ये और नई ऊंचाइयों को छुएगा उन्होंने छात्र छात्राओं को कहा कि आज का समय टेक्नॉलजी का समय है समय का सदुपयोग सही से करें प्रौद्योगिकी ने नए औजार दिए है उनका सदुपयोग करते हुए आगे बढ़ना है समाज के साथ सामंजस्य रखना होगा भारतीय मूल्यों से कल्याण सम्भव है शिक्षा पद्धति का मूल है ज्ञान आप सभी के लिए अनन्त दरवाजे खुले हुए है आप सभी को इन सम्भवनोआ का उपयोग करना है अंत मे सभी को उन्होंने बधाई देते हुए विवेकानंद के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि उठो जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको नही.

No comments:

Post a Comment