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Sunday, 10 February 2019

प्रयागराज कुम्भ नगरी बसन्त पंचमी के अंतिम शाही स्नान पर्व पर उमड़ा जनसैलाब



रिपोर्ट-अशोक कुमार तहकीकात न्यूज़ प्रयागराज

प्रयागराज के कुंभनगर में आज वसंत पंचमी के दिन अन्तिम शाही स्नान किया जा रहा है। ऐसे में श्रद्धालु देश-विदेश से यहां संगम स्नान के लिए आ रहे हैं। कुंभ में नागा साधुओं ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचे है।  अखाड़े सिर्फ कुंभपर्वों में ही स्नान को आते हैं। ऐसे में आस्था, परंपरा और संस्कार के संगम के साथ त्रिवेणी, कुंभ पर्व पर अखाड़ों के शाही स्नान का साक्षी बने। देवता संग नागा संन्यासी शैव अखाड़ों के शाही जुलूस का नेतृत्व किया। संगम की ओर जाने वाली सड़के शनिवार को एक बार फिर आस्था पथ में तब्दील हो गईं। हर तरफ से श्रद्धाभाव से भरा जन प्रवाह उमड़ा। वसंत पंचमी के तीसरे स्नान पर्व पर संगम में डुबकी लगाने के लिए शाम तक लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंच गए। अरैल से फाफामऊ के बीच संगम तट के घाटों पर हर तरफ भक्ति की लहरें उफनाने लगीं।


 अनुमान लगाया है। इस बार कुंभ के सभी इंट्री प्वाइंट एनएसजी व एटीएस कमांडो की सुरक्षा के घेरे में रहेंगे। भक्ति के सागर की हिलोरें दोपहर बाद तेज हो गईं। न लंबी दूरी तय करने की चिंता न तो चेहरों पर थकान के भाव। कोई माता-पिता को डुबकी लगाने के लिए मीलों पैदल चलकर आया तो कोई दादा-दादी को।
 किसी के साथ पूरे कुनबे की चिंता थी तो किसी को परिचितों, रिश्तेदारों की। अपनों को सहेजते, एक-दूसरे  को थामे लोग हर हर महादेव का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। संगम नोज के अलावा रेती पर जगह -जगह महिलाएं समूहों में गंगा गान करती रहीं तो कहीं रामनाम संकीर्तन होता रहा। तीसरे स्नान पर्व पर

 क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। मौनी अमावस्या पर उमड़े जन सैलाब से सबक लेते हुए कई जगह सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई गई। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों की ओर से रेला भोर से ही उमड़ने लगा।

हिंदू हॉस्टल व सीएमपी के पास बैरीकेडिंग कर वाहनों के रोके जाने की वजह से आठ से 10 किमी तक पैदल चलकर श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं। फिर भी बिना थके सिर पर गठरी लिए आस्थावान आगे बढ़ते रहे। अखाड़ा मार्ग, संगम, अपर व संगम लोअर मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है

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