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Wednesday, 6 February 2019

देहात कानपुर - किसानों का दर्द , सूख रही फसल , किसान परेशान

जिला संवाददाता - अरविन्द शर्मा 


देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी की योगी सरकार देश और प्रदेश के किसानों को खुशहाल बनाने की बात करती रहती है किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है किसानों की हर समस्याओ को लेकर लंबी लम्बी बाते की जाती है किसान को हर संभव मदद की बाते होती है लेकिन सरकारो की ये बाते सिर्फ हवा हवाई साबित हो रही है देश के किसान मुखमरी की कगार पर आते जा रहे है मगर इनकी सुध लेने वाला कोई नही है बल्कि सरकार अपने सरकारी नुमाइंदों के इशारे पर इन किसानों को प्रताड़ित करवा रही है जिससे किसान मुखमरी की कगार पर खड़ा हो गया है । यही कारण है जो आज देश के किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे है । सरकार किसानों के प्रति कितना सजग दिखाई दे रही है ये किसानों के सूखे खेतो को देखकर , सूखी पड़ी नहर को देखकर , खराब पड़े इन ट्यूबवेलों को देखकर समझा जा सकता है कि देश का किसान खुशहाल हो रहा है । सरकार किसानो की आय को दोगुना करने की बात करती है । लेकिन दो गुना क्या इसे देखकर नही लगता कि किसान अपनी फसल में खर्च किये अपने पैसे भी निकाल पायेगा। बावजूद इसके किसानों पर बड़ी बड़ी बाते वाली ये सरकार और उनके सरकारी नुमाइंदे कब किसानों का दर्द समझ पाएंगे या सिर्फ किसानों को लेकर राजनीति ही की जाती रहेगी ये हम नही कह रहे है बल्कि वो बहुत से किसान कह रहे है जो आज सरकार और उनके अधिकारियो का दर्द झेल रहे है



 सरकार की ऐसी ही असलियत पर से पर्दा उठाने अब हम आपको कानपुर देहात लिये चलते है जहाँ ऐसा ही कुछ हाल इस समय कानपुर देहात के किसानों के साथ हो रहा है इस समय किसानों को खेतो पर पानी लगाने का समय चल रहा है लेकिन यहाँ किसान को पानी , बिजली , नही मिल रही है सरकारी ट्यूबबेल ज्यादातर खराब पड़े है और किसानों के प्राईवेट ट्यूबबेलो पर बिजली का अधिक बिल आने पर उनके कनेक्शन काट दिये गए है सरकार किसानों से बिजली वसूली में लगी हुई है जिसके चलते किसान को बिजली पानी नही मिल रही है अब अगर इस समय किसानो ने फसलों में सिचाई नही की तो सफल बर्बाद हो जायेगी और किसानों की बहुत सी फसलें बर्बाद भी हो रही है इस कारण किसान मुखमरी की कगार पर जा चुके है । यही वजह है जो आज कानपुर देहात का किसान उग्र होने लगा है  जिसके चलते किसान कही रोड जाम कर रहे है तो कही धरने पर बैठ रहे है फिर भी इन किसानों का दर्द समझने वाला कोई नही है  कानपुर देहात के किसानो में त्राहिमाम त्राहिमाम मची है किसानों की फसल सूख  रही है नहरों में पानी नही है नहरे सूख गई है सरकार ट्यूबबेल भी खराब पड़े है और इन्ही सब कारणों के चलते थक हार किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते है इसके बाद किसानों पर राजनीति होती है| वही भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रशीद अहमद आजाद ने बताया कि आज किसानों के साथ बुरा वर्ताव किया जा रहा है  देश के प्रधानमंत्री को किसानों की बिलकुल चिंता नही है सरकार के इन सरकारी नुमाइंदे  किसान को बर्बाद करने में लगे है उन्होंने तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंग्रेजी शासन काल के समय तुगलक के आदेश की तरह बताया बोले आज देश के प्रधानमंत्री तुगलक की तरह आदेश सुना रहे है  इन आदेशों से किसान का कोई फायदा नही हो रहा है बल्कि किसान बर्बाद हो रहा है इसके  लिये देश के प्रधानमंत्री जिम्मेदार है अगर ऐसा ही होता रहा तो 2019 के लोक सभा चुनाव में किसान इसका जवाब देगा |वही किसानों की समस्याओ को लेकर जब बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता से बात की गयी तो उनका जवाब था कि ये सरकार के आदेश से हो रहा है जिन किसानों के बिल बकाया है उनके कनेक्शन काट दिये गए है  किसान पहले ट्यूबबेल के कनेक्शन का बकाया बिल जमा करे तभी किसानों के कनेक्शन जोड़े जायेगे 

वही जब किसानों की समस्या के लिये जनपद के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह से बात की गयी तो उनका जवाब था कि किसानों की बिजली पानी के लिये दोनों एक्सचियन को बुलाकर बात की गयी है जो सरकारी ट्यूबबेल बन्द पड़े है उनको जल्द ही ठीक करा दिया जायेगा और किसानों के बिजली कनेक्शन के लिये और बिल बकाये पर एक्सचियन से बात करेगे जो भी संभव होगा किसानों की मदद की जायेगी वही जब किसानों की हर समय बात करने वाले भोगनीपुर विधायक विनोद कटियार से बात की गयी तो विधायक जी का कहना था ये शिकायते है कुछ  किसानों के बिजली के बकाया बिल होने के कारण ऐसा किया जा रहा  है तो कुछ अधिकारियो की वजह से गलत किया गया है इनको ठीक कराया जा रहा है सरकार किसानों के प्रति लगनशील है ट्यूबबेल जो बन्द है उनको ठीक कराया जायेगा जिस किसी अधिकारी की वजह से दिक्कत होगी उनको बुलाकर निस्तारण कराया जायेगा लेकिन कही न कही किसानों की इस समस्या को लेकर अधिकारियो की कार्यशैली को दोषी माना

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