इटावा -जम्मू कश्मीर के पुलवामा में मैनपुरी जिले के जवान हुआ शहीद,परिजन को खबर मिलते ही परिजनों ने मचा हाहाकार - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Live: Loksabha Election Result 2019

Live: Loksabha Election Result 2019

Friday, 15 February 2019

इटावा -जम्मू कश्मीर के पुलवामा में मैनपुरी जिले के जवान हुआ शहीद,परिजन को खबर मिलते ही परिजनों ने मचा हाहाकार


जिला संवाददाता इटावा 

पुलवामा में शहीद..............


इटावा -जम्मू कश्मीर के पुलवामा में मैनपुरी जिले के जवान हुआ शहीद,परिजन को खबर मिलते ही परिजनों ने मचा हाहाकार,शहीद अपने बच्चो की अच्छी पढ़ाई के लिए  इटावा ससुराल में रहकर बच्चो की पढ़ाई करा रहे थे,सात फरवरी को ही घर से ड्यूटी करने गए थे ,शहीद अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चे को छोड़कर देश के लिए जान न्योछावर कर दी 

इटावा -जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में मैनपुरी जिले का एक लाल शहीद हो गया,मैनपुरी जिले के थाना बरनाहल इलाके के विनायकपुर गाँव के रहने वाले रामवकील जो पुलवामा में सीआरपीएफ में तैनात थे,शहीद मैनपुरी में न रहकर इटावा में अशोक नगर मोहल्ले में अपने ससुराल में रहकर बच्चो की अच्छी पढ़ाई कराने के लिए और घर भी बनवाने के लिए प्लाट खरीद लिया था लेकिन किस्मत में यह सब नहीं था,शहीद अपने पीछे पत्नी गीता टेंन मासूम बच्चे अंकित 7 वर्ष  अर्पित 5 वर्ष और सबसे छोटा बच्चा दो वर्ष का है शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और मासूम बच्चो की आँखों से आँशु थमने का नाम नहीं ले रहे है और सभी एक ही शब्दों को बयां कर रहे है  "" चिट्ठी न कोई सन्देश जाने वो कौन सा देश जहा तुम चले गए""


 शहीद की पत्नी गीता देवी ने बताया की छुट्टी पर घर आये थे और माकन बनाने के लिए लोन की तैयारी करने के लिए कह गए थे की मकान बन जाएगा,हमारी आज दोपहर डेड बजे बात हुयी थी बोल रहे थे ठीक से रहना,फोन आया था वही से वो शहीद हो गए,इस तरह के अटैक होते रहते है सरकार कुछ नहीं करती है,मेरे पति की इच्छा थी बच्चो को पढ़कर देश की सेवा करना चाहते थे लेकिन अब पता नहीं क्या हो 

शहीद के भाई का कहना है की  मुझसे तीन दिन पहले बात हुयी थी मुझसे कहा था की भैया मकान बनवाने के लिए मदद करना लेकिन हमारे लिए दुर्भाग्य की बात है की मेरे भाई से मुलाकात नहीं हुए यह लोग इटावा ससुराल में रहते थे यही मकान बनवाना छह रहे थे जिससे बच्चो को अच्छी शिक्षा दे सके बच्चे केंद्रीय विधयलय में पढ़ते थे 




No comments:

Post a Comment