वाराणसी - श्रोत्रिय ब्रम्हनिष्ठ स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी जी महाराज का निरंजनपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर के रूप में पावन पट्टाभिषेक किया गया - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

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Wednesday, 13 March 2019

वाराणसी - श्रोत्रिय ब्रम्हनिष्ठ स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी जी महाराज का निरंजनपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर के रूप में पावन पट्टाभिषेक किया गया

 कैलाश सिंह विकास ब्यूरो 

 काशी के चेतसिंह किला में आज प्रातः 10 बजे से पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी का पट्टाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें श्रोत्रिय ब्रम्हनिष्ठ स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी जी महाराज का निरंजनपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर के रूप में पूर्ण विधिविधान से पावन पट्टाभिषेक किया गया।पंचायती अखाड़ा श्रीनिरंजनी के समस्त आराध्यदेवो,प्रातः स्मरणीय पूर्वाचार्यों एवम पंचपरमेश्वरों के पावन सानिध्य,ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर पूज्यपाद जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन व अध्यक्षता में तथा पर्वरधर्माधीश,परमधर्म संसद स्वामीश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज एवम आनंदपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बलकानंद गिरी जी सहित भारतवर्ष के पुजनीय वरिष्ठ सन्तों,आचार्यों महामण्डलेश्वरों एवम महापुरुषों के पावन उपस्थिति तथा अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी नरेंद्र गिरी जी महाराज के नेतृत्व में प्रज्ञानानंद गिरी जी महाराज का जिस प्रकार भगवान शंकर का अभिषेक किया जाता है उसी प्रकार अभिषेक किया गया तथा चादर विधि से भी अभिषेक किया गया एक स्वर से समस्त सन्त समुदाय ने प्रज्ञानानंद जी महाराज को निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर के रूप में स्वीकार किया।



कार्यक्रम में आशीर्वचन प्रदान करते हुए ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने कहा कि समय समय पर हमसभी सन्त समुदाय को एकजुट होते रहना चाहिए इसी से समाज को सन्तों की शक्ति का पता चलता है आज नरेंद्र गिरी जी महाराज ने हमारे एक शिष्य स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी को निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर के रूप में अभिषिक्त किया है हमतो आप सबको अपना मानते हैं बिना किसी भेदभाव के जब आप सबको हमारी आवश्यकता होगी हम उपलब्ध रहेंगे एक बात स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि हमलोग अयोध्या में रामजन्म भूमि पर परब्रम्ह राम का मंदिर चाहते हैं इसमे कोई समझौता नही हो सकता।
समस्त सन्त समुदाय ने इस पावन अवसर पर एक स्वर से सनातनधर्म के उत्थान की मंगल कामना की इस अवसर पर 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।




इस पावन अवसर पर प्रमुख रूप से सर्वश्री-श्रीमहंत रविन्द्रपुरी जी महाराज,श्रीमहंत लखन गिरी जी महाराज,श्रीमहंत दिनेश गिरी जी महाराज,श्रीमहंत आशीष गिरी जी महाराज,श्री महंत राम रतन गिरी जी महाराज,श्रीमहंत धर्मराज भारती जी महाराज,महाण्डलेश्वर विश्वकानन्द जी महाराज,महामंडलेश्वर हरि गिरी जी महाराज,महामंडलेश्वर नारायण गिरी जी महाराज,निरंजन ज्योति जी म्हाण्डलेश्वर,माई आनंदमई जी महामंडलेश्वर,महामंडलेश्वर विष्णु चैतन्य तीर्थ जी महाराज,महामंडलेश्वर विद्यानंद पूरी जी महाराज,महामण्डलेश्वर हरिओम गिरी जी महाराज,महामंडलेश्वर महेशानंद गिरी जी महाराज,महामंडलेश्वर आशुतोषानंद जी महाराज,श्रीमहंत केशव पूरी जी महाराज,नरेश गिरी जी महाराज,राधे गिरी जी महाराज,ओंकार गिरी जी महाराज काशी विद्वत परिषद के प्रो.वशिष्ठ त्रिपाठी,परमेश्वर नाथ मिश्र,डॉश्रीप्रकाश मिश्रा जी आदि लोग प्रमुख रूप से सम्मलित थे।

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