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Thursday, 7 March 2019

वाराणसी - कॉरिडोर बनने के बाद दिखेगा विश्वनाथ धाम का वृहद् रूप, शिलान्यास की तैयारियां शुरू..



कैलाश सिंह विकास ब्यूरो

 8 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर के विश्वनाथ कॉरिडोर के भूमी पूजन और शिलान्यास के लिए आ रहे हैं। इसके मद्देनज़र प्रशासनिक अमले ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। बुधवार को एसपीजी के अधिकारियों संग कमिश्नर दीपक अग्रवाल, एडीजी पीवी रामा शास्त्री, सीईओ विशाल सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा चयनित भूमी पूजन के लिए मिर्ज़ापुर मठ पर हो रही तैयारियों का जायज़ा लिया।इस दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि 8 मार्च को प्रधानमंत्री विश्वनाथ कॉरिडोर के शिलान्यास और भूमी पूजन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस शीघ्रता के साथ प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में हमने कदम बढ़ाएं हैं उसी शीघ्रता से शिलान्यास के बाद निर्माण के लिए हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर योजना में सभी सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगीकमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आने वाली महिलाएं, वृद्ध और दिव्यांग बहुत ही कठिनाइयों का सामना करके दर्शन कर पाते थे या बिना दर्शन किए ही वापस लौट जाते थे। उन सब के लिए यह कॉरिडोर मील का पत्थर साबित होगा। उन सभी को बाबा विश्वनाथ के सुगम दर्शन उपलब्ध होंगे।

240 साल बाद निखरेगा स्वरुप

कमिश्नर दीपक अग्रवालने बताया कि आज से 240 साल पहले महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिर परिसर का सुन्दरीकरण कारवाया था। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा से विश्वनाथ कॉरिडोर का कार्य शुरू हुआ है। इसके बनने के बाद 300 मीटर की दूरी से श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर सीधे बाबा विश्वनाथ के दर्शन को पहुंचेगा कमिश्नर ने बताया कि इसमें कॉरिडोर के अलावा मेडिटेशन सेंटर, यात्री हाल, हॉस्पिटल, जन सुविधांए, गेस्ट हॉउस आदि वयवस्थाएँ होंगी। यह अपने आप में अनूठा विश्वस्तरीय कॉरिडोर होगा। इसमें पाथ वेज, दोनों तरफ एमिनिटीज होंगे।

मंदिरों का होगा कायाकल्प

कमिश्नर ने बताया कि इस कॉरिडोर में सबसे खास यह है कि इससे बनाने के लिए तोड़े गए मकानों के अंदर से जो 40 से अधिक छोटे -बड़े मंदिर निकले हैं। उन सभी को संरेखित करते हुए उनका सुंदरीकरण किया जाएगा ताकि श्रद्धालु इन मंदिरों मे भी दर्शन पूजन कर सकेदीपक अग्रवाल ने बताया कि इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य राजकीय निर्माण निगम तीन फेज़ में करवाएगा। पहले फेज़ में लेवलिंग, दुसरे फेज़ में स्ट्रक्चर और तीसरे एवं अंतिम फेज़ में सुपर स्ट्रक्चर पर कार्य होगा और जल्द ही इसे मूर्त और भव्य रूप दिया जाएगा।मुखयमंत्री द्वारा वाराणसी दौरे पर विश्वनाथ मंदिर को विश्वनाथ धाम कहे जाने पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने कहा कि मंदिर शब्द संकुचित हो जाता है। विश्वनाथ धाम एक लोक का एहसास करता है और यही सच्चाई है। विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यह एक लोक का आभास कराएगा।

5 लाख स्क्वायर फुट में होगा मुख्य निर्माण

मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि 5 लाख स्क्वायर फुट में मुख्य निर्माण होगा। उसके अलावा टोटल 8 लाख स्क्वायर फुट में कॉरिडोर से संबंधित निर्माण होंगे। उन्होंने कहा कि शुरू में इस कार्य के लिए काफी दिक्कतों का सामना करनापड़। उस समय तो लग रहा था कि यह कार्य कैसे संभव होगा पर बाबा की कार्य अब जल्द ही मूर्त रूपलेने वाला है।

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