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Wednesday, 17 April 2019


तहकीकात न्यूज़ डेस्क 
महावीर जयंती जैन समुदाय का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। महावीर स्वामी जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थकर थे। कई जगह महावीर जयंती को महावीर स्‍वामी जन्‍म कल्‍याणक भी कहा जाता है। हिन्दु पंचांग की मानें तो चैत्र मास के शुक्लपक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान महावीर ने जन्‍म लिया था।
ऐसा कहा जाता है कि जैन मान्‍यताओं के अनुसार उनका जन्‍म बिहार के कुंडलपुर के राज परिवार में हुआ था। भगवान महावीर का बचपन का नाम 'वर्धमान' था। ऐसा कहा जाता है कि इन्होंने तीस  साल की उम्र में घर छोड़ दिया और दीक्षा लेने के बाद बारह  साल तपस्या की। भगवान महावीर की जयंती पर प्रस्तुत हैं उनके पांच अनमोल विचार...
मनुष्य के दुखी होने की वजह खुद की गलतियां ही हैं जो मनुष्य अपनी गलतियों पर काबू पा सकता है वही मनुष्य सच्चे सुख की प्राप्ति भी कर सकता है।
आपात स्थिति में मन को बिचलित नहीं करना चाहिए।
आत्मा अकेले आती है,न कोई उसका साथ देता है न कोई उसका मित्र बनता है।
खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है।
आपने कभी किसी का भला किया हो तो उसे भूल जाओ और कभी किसी ने आपका बुरा किया हो तो उसे भूल जाओ।

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