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Monday, 29 April 2019

बसपा-समाजवादी पार्टी अस्तांचल में जाती हुई पार्टी - डा. दिनेश शर्मा

 न्यूज़ डेस्क तहकीकात लखनऊ 

 उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने लखनऊ में निवाजगंज, पारा, पत्रकारपुरम चैराहा, अवध चैराहा आदि की विशाल जनसभाओं में बसपा व समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि यह दोनों अस्तांचल में जाती हुई पार्टियां है सपा ने राजनैतिक स्वार्थ के लिए आत्मसम्मान को गिरवी रखकर बसपा से गठबंधन किया है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन भी अधिक दिन चलने वाला नहीं हैं तथा 23 मई इसका आखिरी दिन होगा। उसके बाद इस गठबंधन में खटबंधन (खटपट) आरंभ होगा। सपा में भाजपा का सामना करने की क्षमता नहीं रही है। राजधानी लखनऊ में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित  सभाओं में उन्होंने सपा बसपा गठबंधन को जमकर निशाने पर लेते हुए कहा कि यह जनकल्याण के लिए नहीं बल्कि स्वार्थ एवं राजनैतिक अस्तित्व को बचाने के लिए किया गया गठबंधन है। इसकी मियाद भी अब जल्द ही पूरी होने जा रही है। पिछले चुनाव में जिस प्रकार से दोनों दलों का सफाया हुआ था उसके कारण ही दोनो साथ आए है। डा. शर्मा ने कहा कि इस गठबंधन में सपा किस प्रकार से शरणागत हुई है इसकी मिसाल हाल की एक रैली में देखने को मिली थी। इस रैली में एक ओर जहां डिम्पल जी ने बसपा नेत्री का पैर छूकर आर्शीवाद लिया वहीं तेज प्रताप ने भी साष्टांग दंडवत किया, पर वहीं बुआ जी का भतीजा नेताजी को देखकर निकल गया पर अभिवादन करना भी जरूरी नहीं समझा। इससे साफ हैं कि सपा अपने राजनैतिक स्वास्थ्य को दुरूस्त करने के लिए न केवल बसपा से राजनीतिक हेल्थ टॉनिक ले रही है।बल्कि अपने अस्तित्व को बचाने के लिए चुनाव लड़ रही है।


 इसके पहले 2017 में अखिलेश जी ने कांग्रेस का साथ लिया था जो राजनैतिक रूप से खुद एक कमजोर पार्टी थी। इसके परिणामस्वरूप विधानसभा चुनाव में दोनो बुरी तरह से पराजित हुए। अबकी बार जो पालिटिकल हेल्थ टॅानिक लिया वह बसपा से लिया जिसने खुद में लोकसभा चुनाव में जीरो पाया था। मुझे लगता है कि राजनैतिक स्वास्थ्य रक्षा के लिए किए गए अखिलेश जी के प्रयत्न असफल हो रहे हैं। इस साथ के लिए सपा कडवे घूंट भी पी रही है। एक तरह से समाजवादी पार्टी ने बसपा के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है। यह वहीं पार्टी है जिसमे पार्टी के संस्थापक का ही तख्ता पलट कर दिया गया था। सपा के संरक्षक नेताजी का अपमान पार्टी के कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रहा है। इसके साथ ही बसपा अध्यक्ष से पडी डांट व बसपा के कार्यकर्ताओं से सीखने की नसीहत से भी पार्टी के कार्यकर्ता खासे खिन्न हैं। इन्ही कारणों के चलते बडी संख्या में सपा के कार्यकर्ता भाजपा में आ रहे हैं। इसी प्रकार से कांशीराम के मूल सिद्धान्तों को मायावती द्वारा तिलांजलि दिए जाने के कारण बसपा के कार्यकर्ता भी भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हुआ चैथे चरण का मतदान भाजपा के लिए शुभंकर बना है। उन्होंने कहा कि अमेठी, रायबरेली, कन्नौज, आजमगढ कहने को तो वीआइपी प्रतिनिधित्व वाले जिले हैं पर विकास कार्यों से कोसो दूर हैं। इनमें वीआईपी क्षेत्र जैसा कोई काम नहीं हुआ है। इन क्षेत्रों के प्रतिनिधि जीतने के बाद क्षेत्र में झांकते ही नहीं है। वहां के लोगों को ऐसा वीआईपी चुनने का दंश झेलना पडता था। पर योगी सरकार के आने के बाद इन क्षेत्रों में विकास कार्य आरंभ हुए है। इन स्थानों पर सडक, बिजली, पानी के जो कुछ भी विकास दिखता है वह योगी सरकार के आने के बाद हुआ है। इसके विपरीत बनारस और लखनऊ अगर पीएम और गृहमंत्री के क्षेत्र हैं तो इनमें विकास के असीमित कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री स्वयं हर माह बनारस जाकर वहां के विकास कार्यों को देखते थे। इसी प्रकार से राजनाथ जी ने भी लखनऊ के लोगो से सतत संपर्क बनाकर काम किया। उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं देने का कार्य मोदी योगी सरकार में हुआ है इसके बावजूद विरोधी कहते हैं कि अच्छे दिन नहीं आए। यही अच्छे दिन है जिसमें लोगों को उनकी जरूरत की सुविधाए मिली हैं। पहले के तीन चरण की तरह ही इस चरण में भी भाजपा ने स्वीप किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री ने अटल जी की कर्मभूमि में उनके सपनों को पूरा करने के लिए विकास कार्यों की झडी लगा दी है। उन्होंने कहा कि राजधानी के परिवहन को सुधारने के लिए व विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा देने के लिए मेट्रो की शुरुवात की गई है। लखनऊ में अमृत योजना व स्मार्ट सिटी के जरिए आमूलचूल बदलाव की नींव रख दी गई है। विकास का नया इतिहास रचा जा रहा है। राजधानी को मुम्बई दिल्ली जैसे देश के विकसित शहरों की कतार में लाने के लिए कार्य आरंभ करा दिए गए हैं।

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