window.googletag = window.googletag || {cmd: []}; googletag.cmd.push(function() { googletag.defineSlot('/22657439987/11', [MISSING_WIDTH, MISSING_HEIGHT], 'div-gpt-ad-1638413600492-0').addService(googletag.pubads()); googletag.pubads().enableSingleRequest(); googletag.enableServices(); }); कानपुर - इण्टक द्वारा मनाया गया बाबा साहब का जन्म दिवस - Tahkikat News

आज का Tahkikat

Sunday, 14 April 2019

कानपुर - इण्टक द्वारा मनाया गया बाबा साहब का जन्म दिवस


 ब्यूरो कानपुर -रवि गुप्ता

उ0प्र0 राष्ट्रीय विधुत श्रमिक यूनियन इण्टक द्वारा वीआइपी रोड स्थित कार्यालय में धूम-धाम के साथ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी का जन्म दिन मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रमिक नेता पी0एस0 बाजपेयी ने की तथा मुख्यवक्ता श्यामदेव सिंह, राम सांच सिंह, कपिल मुनि प्रकाश, आर्दश सिंह, रूपेश कुमार, नरेन्द्र सिंह, केके अवस्थी शीलू आदि ने अपने-अपने विचार प्रकट किए । इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा भारत रत्न अंबेडकर जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करते रहे, यही कारण है कि अंबेडकर जयंती को भारत में समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

बाबा साहब का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू गांव में हुआ था। हलांकि उनका परिवार मराठी उनके पतिा रामजी मालेाजी सकपाल व मां भीमा बाई जो अंबेडकर महार जाति के थे और इस जाति के साथ भेदभाव किया जाता था। डा0 साबहब को 1916 में एक शोध के लिए पीएचडी से सम्मानित किया गया। वह अंबेडकर समाज में दलित वर्ग को समानता दिलाने के जीवन भर प्रयास करते रहे। 1932 में ब्रिटिश सरकार ने अंबेडकर की पृथक निर्वाचिका के प्रस्ताव को मंजूरी दी लेकिन इसके विरोध में गांधी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया, 

जिससे बाद अंबेडकर जी को अपनी मांग वापस लेनी पडी। उन्होने कई विवादित किताबं लिखी जिनमें थाॅट्स आॅन पाकिस्तान और वाॅट कांग्रेस एंड गाधी हेव डन टूद अनटचेबल्स भी शमिल है। 29 अगस्त 1947 को उनको भारत के संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, भारत के संविधान को बनाने में बाबा साहेब का खास योगदान रहा। वक्ताओं ने कहा समय है कि एक बार हम सब इस समानता दिवस का महत्व समझे और मिलकर आगे बढे ताकि समाज के साथ देश का भी विकास हो। इस अवसर पर श्रमिकों की समस्याओं पर भी चर्चा की गयी। कार्यक्रम में इण्टर के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी तथा भारी संख्या में उपस्थित श्रमिकों ने अंबेडकर दी के चित्र पर माल्यापर्ण कर उन्हे अपने श्रृद्धा सुमन अर्पित किए।

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।