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Wednesday, 22 May 2019

लम्भुआ सुल्तानपुर - चुनाव खत्म होते ही बिजली कटौती शुरू

रिपोर्ट - रीतू श्रीवास्तव

 जब तक लोकसभा चुनाव था तब तक सरकार जिले में बिजली कटौती कर के अपने ऊपर जनता का गुस्सा झेलना उचित नही समझ रही थी,यही कारण था कि प्रदेश की योगी सरकार 1 अप्रैल से 24 घंटे बिजली देने का वादा की,और उसे निभाया भी बखूबी,बिजली पता नही कब कटी ग्रामीणों को याद भी नही था,क्षेत्रवासियो का तो कहना था कि कभी किसी सरकार चाहे वो मुलायम की सरकार रही हो चाहे,अखिलेश,मायावती की सरकार रही हो,कभी भी बिजली इतनी ज्यादा नही रहती थी,ना जाने क्या हुआ जिले का चुनाव 12 मई को बितते देर नही हुई और 19 मई से इस भयानक तपिस भरी गर्मी में बिजली गुम होने का पुराना सिलसिला चलने लगा,मामला सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ विद्दुत सबस्टेशन का है,चुनाव का दौर खत्म होने के छ ही दिनों के बाद बिजली रात्रि में घंटो गायब रहने लगी,दिन में भी छ-सात घंटे गायब रहने लगी,इस मौत भरी गर्मी में ग्रामीणों में बौखलाहट सी छा गई है,जिस गर्मी में बिजली और पानी ही ग्रामीणों के लिए जीने का एक सहारा था उसे भी सरकार और विद्दुत विभाग ने खड़ी दोपहर में सप्लाई बंद करना शुरू कर दिया है।
 

क्या कहते है ग्रामीण जनता- ग्रामीणों का कहना है की चुनावै के बरे सरकार बिजली 24 घंटा किहे रही,अब उनकर मतलब निकरिगा अब तो ओनका जनता से कौनो मतलब नाही बा,इतनी भीषण गर्मी में दोपहर में बिजली काट देते है,बच्चे,बूढ़े और घर की बहुएं दोपहर में बाहर भी नही निकल सकते,उनको तो सिर्फ घर मे ही मरना रहता है।क्या कहते है विद्दुत अधिकारी - हमने हकीकत जानने के विद्दुत विभाग से संपर्क करने के लिए एसडीओ को 9415901573 पर कॉल किया जो बन्द मिला जेई 9415901578 पर लम्भुआ को आधे आधे घंटे पर 7-8 बार कॉल किया लेकिन जनाब फोन उठाना उचित नही समझते,9415901567 पर सुल्तानपुर साहब ने बताया कि 6 घंटे की दिन में 1 घंटे रात्रि में रोस्टिंग का आदेश कन्ट्रोल रूम से हुआ है।अब इनको क्या,एक कहावत है,वो रात गई वो बात गई,इन्होंने 1 अप्रैल से 24 घंटे कहा था अप्रैल बिता चुनाव बिता जनता अब मरती है तो मरे इनको क्या।देखना है अब सरकार बनने के बाद क्या आदेश होता है,जनता को गर्मी सहने की या बचाने की।।

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