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Thursday, 9 May 2019

प्रियंका जी भूल गई है कि नोटबंदी और जीएसटी पर जनता उन्हें जबाव दे चुकी है ...

न्यूज़ डेस्क तहकीकात लखनऊ

 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश चुनाव प्रबंधन प्रभारी जे0पी0एस0 राठौर ने कांग्रेस के नोटबंदी व जी0एस0टी0 के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की चुनौती पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन दोनो मुद्दों पर विपक्ष चुनाव लड़ चुका हैं और उसको मुँह की खानी पड़ी हैं। श्री राठौर ने कहा कि लगता है कांग्रेस नेताओं की याददाश्त बहुत कमजोर हो गई हैं जो वह 2017 के विधानसभा चुनाव को भूल गए हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 से ठीक पहले नोटबंदी लागू हुई थी, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इसको मुद्दा बनाया लेकिन कांगे्रस दहाई का अाकड़ा पार नहीं कर सकी। इसके बाद जी0एस0टी0 लागू होने के ठीक बाद उत्तर प्रदेश में नगर निगम के चुनाव हुए जिसमे भाजपा ने 16 में से 14 नगर निगमों में विजय पताका फहराई थी। श्री राठौर ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियंका वाड्रा रायबरेली में होती है तो खुद को रायबरेली की बेटी कहती हैं और जैसे ही रायबरेली में चुनाव खत्म, तो वहाँ से रिश्ता भी खत्म कर लेती है और अब वह खुद को दिल्ली की बेटी बताकर भोली-भाली जनता को रिझाने का काम कर रही हैं।

 
श्री राठौर ने आगे कहा कि आजादी के 72 साल बाद पहली बार 2019 के लोकसभा चुनाव में बिजली मुद्दा नही हैं, सड़क मुद्दा नही हैं, मँहगाई भी मुद्दा नही है , भ्रष्टाचार और आतंकवाद भी मुद्दा नही हैं। केन्द्र की मोदी सरकार की यह बहुत बड़ी उपलब्धि हैं, जिससे देश के जनमानस के मन मस्तिष्क में नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व की छवि घर कर गई हैं। श्री जेपीएस ने कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कांगे्रस ने गरीबी हटाओ का नारा तो दिया लेकिन उनके पास न तो गरीबी हटाने की कोई कारगर योजना थी और ही उनकी गरीबी हटाने की कोई मंशा थी। सपा-बसपा की सरकारों ने गुण्डागर्दी और भ्रष्टाचार के अलावा प्रदेश को कुछ नहीं दिया। विधानसभा चुनाव से पहले दो लड़के अपनी दोस्ती के तराने गाते हुए उत्तर प्रदेश में निकले थे लेकिन आज अखिलेश यादव अपने 2017 के दोस्त राहुल गाधी को गालियां दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद भतीते के द्वारा अपनी बुआ जी के लिए भी इसी प्रकार अपशब्दों का प्रयोग किया जायेगा, इसकी भविष्यवाणी के लिए किसी ज्योतिषी की जरूरत नहीं। अखिलेश यादव और डिम्पल यादव अपने चाचा के पैर छूते रहते तो शायद कुछ लाभ में रहते।

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