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Wednesday, 12 June 2019

फर्रुखाबाद - गंगा दशहरा स्पेशल स्टोरी:: गंगा नही रहेगी यही हाल रहा तो , कब तक यू ही बहेगी यही हाल रहा तो

रिपोर्ट - पुनीत मिश्रा 

 पिछले 5 सालों में गंगा का प्रदूषण दूर करने के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च हो गए लेकिन इस दरमियान गंगा के फर्रुखाबाद से होकर जाने वाले किनारे पर कुछ भी नहीं बदला ना यहां शहर के गंदे नालों का रुख दूसरी ओर मुड़ा ना छपाई कारखानों के जहरीला रसायन गंगा में जाना रुका और ना लावारिस लाशों को गंगा में बहाया जाना रुका गंगा का आंचल आज भी गंदा है विकास की अंधी दौड़ में उसका रूप रंग स्वाद गुण सब कुछ छीन लिया गया है उसकी रोग नाश करने की क्षमता को छीनकर उसे रुग्ण कर दिया गया है लोगों के आचरण से गंगा भी दुखी है और पिछली गंगा कार्य योजना के हश्र को देखने के बाद गंगा और लाचार व बेबस नजर आती है


गंगा के पास दर्द है आवाज नहीं है,
मुंह खोलने का गोत्र में रिवाज नहीं है,
गंगा नहीं रहेगी यही हाल रहा तो,
कब तक यूं ही रहेगी यही हाल रहा तो,


प्रसिद्ध कवि स्वर्गीय कैलाश गौतम की यह पंक्तियां पांचाल घाट पर गंगा की दशा पर सटीक बैठती है अब तो स्नान घाटों का प्रदूषण शमशान घाट तक पहुंच गया है हाल यह है कि गंदगी में स्नान करने के साथ अंतिम संस्कार करना भी मुश्किल हो रहा है दरअसल गंगा शुद्धि अभियान के नाम पर केवल नारे लगे और काम कुछ भी नहीं हुआ प्रदूषण नियंत्रण के तंत्र पूरी तरह से निष्क्रिय रहे गंगा एक्शन प्लान के तहत फर्रुखाबाद के कैंट और हाथीखाना में दो सीवरेज प्लांट लगाए गए थे इनमें 2.7 एमएलडी पानी शुद्ध कर इसे सिंचाई के कार्यो में इस्तेमाल करने का प्रावधान था पर संयंत्र में  बिजली ना आने से अधिकांश समय बंद ही पड़े रहते हैं अब तो मशीनें भी खस्ताहाल हो गई है और उन्होंने काम करना भी बंद कर दिया है मानकों की पूर्ति ना करने वाले और बिना ईटीपी लगाए चलने वाले कपड़ा छपाई कारखानों की तलाश हुई पर कार्यवाही के नाम पर खानापूरी कर दी गई सरकारी प्रयासों के अलावा जन जागरण अभियान भी चला खंडित मिट्टी से बनी मूर्तियों को गंगा में डालने से रोका गया और विसर्जन का रास्ता दिखाया गया लेकिन ना तो हम अपने आचरण में बदलाव लाकर गंगा को गंदा होने से बचा पाए और ना सरकारी प्रयासों से पिछले 5 सालों में गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जो प्रयास हुए उनके बाद भी गंगा मैली ही मैली है 

 
फर्रुखाबाद के गंगा तट के पंचाल घाट  पर गंगा दशहरा पर आज हजारो श्रधालुओ ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई । गंगा दशहरा पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आधी रात से  ही गंगा तटो पर श्रद्धालुओं का हुजूम पहुचने लगा । प्रशासन की आधी अधूरी तैयारियों के बीच गंगा दशहरा का स्नान करने वाले  श्रद्धालुओं को जाम का सामना करना पड़ा । यहा लोगो ने गंगा स्नान कर पूजा अर्चना की ।मान्यता है की गंगा दशहरा के दिन ही राजा  भागीरथ गंगा को स्वर्ग से धरती पर लाये थे ।इस दिन गंगा स्नान से पुण्य की प्राप्ति होती है ।हालाकि गंगा  में गंदगी को लेकर लोगो में नाराजगी भी साफ नजर आ रही थी । बता दें कि हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस दौरान गंगा के घाटों पर हर साल लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं।फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर सुबह से ही भक्‍तों की भीड़ गंगा घाटों पर देखी जा सकती है। इसके अलावा किला घाट  में भी स्नान के लिए  बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों  पहुंच रहे हैं। दशहरा स्नान को लेकर गुरुवार की रात से ही पांचालघाट  पर श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। गंगा पूजन के बाद स्नान किया गया। हजारो की संख्या में श्रधालुओ ने डुबकी लगाई। शहरी इलाके के वजाय देहात से खूब भीड़ आई। ट्रैक्टरों के अलावा पैदल, साइकिल व दूसरे वाहनों से भी लोग पहुंचते रहे। पांचाल घाट चौराहे से पुल तक भीड़ का सैलाब नजर आया।

फर्रुखाबाद में पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार मिश्रा के लाख प्रयास के बाद भी शहर कोतवाली पुलिस गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिये आ रहे श्रद्धालुओं को जाम की झाम से बचाने में नाकाम रही। हाईवे पर कई किलोमीटर लम्बा जाम लग गया ।जिसे खुलवाने के लिए पुलिस को एड़ी चोटी का जोड़ लगाना पड़ रहा है ।यही हाल रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला । गंगा दशहरा पर स्नान पर गंगा में स्नान करने वालों की खूब भीड़ उमड़ती है। इसको लेकर जिला प्रशासन कोई भी इंतजाम नहीं कर सका। घाटों की साफ सफाई के लिए कोई तैयारी नहीं की गई थी। इससे गंदगी साफ नजर आ जाती है। भीड़ के बाद भी पुलिसकर्मी घाटों पर नहीं दिखाई दिए। इससे शोहदों की अराजकता से स्‍नान करने आने वाली महिलाओं को तकलीफ उठानी पड़ी। गंगा घाटों पर हर स्नान पर्व पर खासी भीड़ होती है। जिससे यातायात व्यवस्‍था चौपट हो जाती है इस बार भी यही हुआ। ट्रेन में चलने को लेकर लोगो में अफरा तफरी बनी रही

गंगा दशहरा पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ने से यातायात व्यवस्‍था बिगड़ गई। इससे गंगा पुल पर काफी लंबा जाम लग गया। इसमें फंसने वाले बुरी तरह से बिलबिलाते रहे। पुलिस देर बाद पहुंची। गंगा स्नान के लिए गांवों से ट्रैक्टरों से भीड़ आई थी। इनके खड़े होने की जगह नहीं थी। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण बना हुआ है। डग्गामार वाहन सवारियां बैठाने को अफरातफरी बनाए रहे। गंगा दशहरा पर लाखो श्रद्धालुओं के आने की पूर्व से ही पुलिस अधीक्षक को आशंका थी। उन्होंने इस भीड़ को समुचित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल पांचाल घाट व उसको जाने वाले रास्ते पर तैनात किया था। लेकिन उसके बाद भी व्यवस्था पुलिस कर्मियों की लापरवाही के चलते व्यवस्था फेल हो गयी।लाखो श्रद्धालुओं को श्रद्धा के मार्ग में जाम की झाम से जूझना पड़ा। जिससे वह अपने निर्धारित समय पर गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाने से महरूम रह गये। पांचाल घाट पुल से लेकर सड़क के दोनों तरफ वाहनों की बड़ी कतारे लगी रही।

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