बस्ती-प्रकाशन दो लाख का हाथ नहीं आया एक - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

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Wednesday, 3 July 2019

बस्ती-प्रकाशन दो लाख का हाथ नहीं आया एक


रिपोर्ट -राजित राम यादव

बस्ती जिले के हर्रैया ब्लाक से बड़ी खबर मृतक सफाई कर्मचारी को सहायतार्थ  इकठ्ठा किया गया धन नहीं दिया गया मृतक के परिजनों को हर्रैया ब्लाक के उभाई ग्राम पंचायत में तैनात राजेंद्र कुमार भारती की मृत्यु 14 जून को हो गया था

हर्रैया ब्लाक के सभागार में शोक सभा का आयोजन ब्लाक प्रमुख बीडीओ हर्रैया की अध्यक्षता में कर समस्त अधिकारियो कर्मचारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायतार्थ राशि की गई एकत्रित समाचार पत्र में प्रकाशित  खबर के अनुसार पीड़ित परिवार को ब्लाक प्रमुख  योगेंद्र सिंह व बीडीओ हर्रैया जीतेन्द्र सिंह के द्वारा दिया गया दो लाख रुपया आर्थिक सहायतार्थ की धनराशि 

पीड़िता ने बया की मन की पीड़ा कहा हमको आज तक आर्थिक सहायतार्थ के नाम पर नहीं दिया एक भी रुपया 
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि ब्लाक पर तैनात सभी सफाई कर्मियों ने 200- 200 रुपया मृतक के परिजनों को देने हेतु दिया आर्थिक सहायतार्थ की धनराशि एडीओ पंचायत हर्रैया ने बताया की मृतक के परिवार को आर्थिक सहायतार्थ देने हेतु इकट्ठा हुआ 42400 रुपया की धनराशि सरकार तमाम योजनाओ  को संचालित करके प्रदेश ही नहीं पूरे देश म चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या गरीब जनता अलग - अलग योजनाओ के माध्यम से मृतक परिवार को आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करती चली आ रही है

वहीं बस्ती जनपद के हर्रैया ब्लाक के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मी की मृत्यु के बाद शोक सभा का आयोजन किया जाता है फिर मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने के नाम पर पैसे की वसूली की जाती है, विचारणीय विषय यह है की मृतक राजेंद्र कुमार भारती के सहयोगी सफाई कर्मी यह बताते है की ब्लाक पर 250 सफाई कर्मचारी कार्यरत है और प्रत्येक  सफाई कर्मी ने 200-200 रुपया मृतक के परिवार को आर्थिक सहायतार्थ दिया है ,जबकि एडीओ पंचायत हर्रैया ने बताया की हर्रैया ब्लाक पर 241 सफाई कर्मचारी कार्यरत है ,मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायतार्थ ब्लाक के सभी अधिकारिओ कर्मचारिओ ने कुछ न कुछ धनराशि दिया , जैसा  की एडीओ पंचायत की  माने तो यदि कुल 241 सफाई कर्मिओ का प्रति व्यक्ति औसत निकाला जाय तो कुल धनराशि 48200 रुपया होता है जबकि एडीओ पंचायत ने बताया की कुल 42400 रुपया सहायतार्थ  धनराशि  इकठ्ठा हुआ 

समाचार पत्रों में प्रकाशित है की मृतक परिवार को आर्थिक सहायतार्थ के रूप में दो लाख रुपया दे दिया गया जबकि सफाई कर्मचारी राजेंद्र कुमार भर्ती की मृत्यु 14 जून को हुआ ,शोक सभा का आयोजन एक सप्ताह के अंदर किया गया और सहायतार्थ दी जाने वाली धनराशि एकत्रित होने के बाद अब तक क्यों नहीं दी गई, यदि मामले को गंभीरता  से लिया जाय तो स्पष्ट  तौर पर साफ नजर आ रहा है की कहीं न कहीं गोलमाल हुआ है 


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