वराणसी -जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने महादेव मंदिर का किया निरीक्षण - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Monday, 29 July 2019

वराणसी -जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने महादेव मंदिर का किया निरीक्षण

 वराणसी

रिपोर्ट- कैलाश सिंह विकाश 

जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी तथा एडीएम प्रशासन के साथ सावन के दूसरे सोमवार को कैथी मार्कण्डेय महादेव मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने मार्कण्डेय महादेव मंदिर पर दर्शनार्थियों की व्यवस्था की पड़ताल की तथा पास बने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के निरीक्षण के दौरान वहां गंदगी देख भड़के और चौकीदार को फटकार लगाते हुए सफाई रखने का निर्देश दिया।

            निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने एक गन्ना जूस बेचने वाले को प्लास्टिक के गिलास का प्रयोग करने पर दो हजार रुपए जुर्माना लगाया और कूड़ा साफ करने का निर्देश दिया। आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण के साथ गंगा नदी में नाव से निरीक्षण कर स्नानार्थियों का हाल भी जाना। इस दौरान जिलाधिकारी डुबकियां स्थित नर्सरी गये और वहां पौधों की उपलब्धता तथा वितरण की जानकारी ली। साथ ही एसडीएम सदर को निर्देश दिया कि नर्सरी के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध करायें। वहां दो लाख पौधे उपलब्ध हैं जिसमें सहजन, आंवला, शीशम, कदम, नीम सहित अन्य पौधों की प्रजातियों लोगों को वृक्षारोपण के लिए उपलब्ध कराई जा रही हैं।


       
इसके बाद जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मारक का भी निरीक्षण किया तथा वहाँ पर स्थापित मुंशी प्रेमचन्द के मूर्ति की साफ-सफाई करने और वृक्षारोपण करने का निर्देश दिया। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और वहां स्थित तालाब का सुंदरीकरण करने के निर्देश दिए। लमही में तालाबों के पट्टों की जांच कराकर निरस्त करने की कार्यवाही का निर्देश एसडीएम सदर को दिया। वीडीए के अभियंता को स्मारक के मार्ग की मरम्मत गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए।

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।